पाकिस्तान के मददगार तुर्की के खिलाफ ‘ऑपरेशन’ शुरू? सबसे बड़े दुश्मन के घर पहुंचे भारतीय वायु सेना प्रमुख
'Operation' started against Pakistan's ally Türkiye? Indian Air Force chief reached the home of the biggest enemy

एथेंस/एजेंसी। क्या ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान की मदद करने वाले तुर्की के खिलाफ भारत का ‘ऑपरेशन’ शुरू हो गया है? ये सवाल इसलिए उठ रहे हैं क्योंकि भारतीय वायुसेना के प्रमुख अमर प्रीत सिंह ग्रीस के दौरे पर पहुंचे हैं। ग्रीस और तुर्की के बीच के रिश्ते काफी खराब रहे हैं और लंबे समय से मांग उठ रही थी कि तुर्की को काउंटर करने के लिए भारत को ग्रीस के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाने चाहिए। ग्रीस पहुंचने पर भारतीय वायुसेना के प्रमुख एपी सिंह का स्वागत हेलेनिक एयर फोर्स (HAF) के चीफ लेफ्टिनेंट जनरल दिमोस्थेनीस ग्रिगोरियादिस ने किया। दिखने में यह यात्रा एक सामान्य सैन्य सहयोग का हिस्सा लग सकती है, लेकिन इसके राजनीतिक और रणनीतिक मतलब कहीं ज्यादा हैं।
भारत और ग्रीस के बीच “इनियोचोस 23” और “इनियोचोस 25” नाम के बहुपक्षीय युद्धाभ्यास होते हैं। हालांकि ‘तरंग शक्ति’ सैन्य अभ्यास के साथ दोनों देशों के बीच सैन्य संबंध पहले से ही रहे हैं, लेकिन वायुसेना प्रमुख एपी सिंह के इस दौरे के समय और उसके मतलब ने तुर्की को चिंतित कर दिया होगा। यह वही तुर्की है जो पाकिस्तान का रणनीतिक साझेदार बना हुआ है और हाल ही में भारत विरोधी आवाजों के लिए एक प्रमुख मंच बना हुआ है ग्रीस पहुंचने पर भारतीय वायुसेना प्रमुख को हेलेनिक वायुसेना (HAF) के संगठन, मिशन और ऑपरेशनल गतिविधियों के बारे में जानकारी दी गई। इसके अलावा दोनों देशों के बीच ऑपरेशन और ट्रेनिंग जैसे क्षेत्रों में द्विपक्षीय सहयोग बढ़ाने पर चर्चा की गई है। ग्रीस दौरे के दौरान भारतीय वायु सेना प्रमुख, एचएएफजीएस के प्रमुख के साथ, हेलेनिक वायु सेना के लड़ाकू विंग के साथ-साथ तातोई में डेकेलिया एयर बेस पर हेलेनिक वायु सेना एकेडमी का दौरा करने वाले हैं।
इस महीने की शुरुआत ग्रीस की मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया था कि ग्रीस वायु सेना, अपने प्रशिक्षण को संभावित रूप से बेहतर बनाने के लिए भारत के ऑपरेशन सिंदूर से ऑपरेशनल जानकारियां और रणनीति जानना चाहता है। ग्रीस सिटी टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक ग्रीस की वायुसेना चाहती है कि भारतीय वायुसेना उसके साथ पाकिस्तान के खिलाफ चलाए गये ऑपरेशन के बारे में जानकारियां शेयर करे, ताकि उसे भी अपनी वायुसेना को एडवांस बनाने में मदद मिले। आपको बता दें कि तुर्की और ग्रीस के बीच के संबंध सालों से काफी तनावपूर्ण रहे हैं। चाहे वो साइप्रस विवाद हो, एजियन सागर में नौसैनिक टकराव हो या दोनों देशों के वायुसेनाओं के बीच हवाई संघर्ष। तुर्की, ग्रीस को सामरिक खतरा मानता है और पूर्वी भूमध्यसागर में ग्रीस की सैन्य गतिविधियों पर बार-बार आपत्ति जताता रहता है। भारत का ऐसे समय ग्रीस के साथ सैन्य सहयोग बढ़ाना और वायुसेना प्रमुख का दौरा करना, निश्चित रूप से अंकारा के लिए एक कूटनीतिक संकेत है।
ग्रीस सिटी टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक भारतीय वायुसेना ने जिस तरह से पाकिस्तान के आतंकी ढांचों पर ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जिस तरह से सटीक हमले किए, उसे ग्रीस एक केस स्टडी के तौर पर देख रहा है। ग्रीक एयरफोर्स ने ग्रीस सिटी टाइम्स के मुताबिक भारत से इस ऑपरेशन की रणनीतिक जानकारी और टैक्टिकल डेटा की मांग की है , खासकर राफेल और सुखोई जैसे एडवांस्ड प्लेटफॉर्म का भारत ने जितनी सटीकता के साथ इस्तेमाल किया है। ये बताता है कि भारत ने अपनी रणनीति में बदलाव किया है और तुर्की को उसी की भाषा में जवाब देने की नीति को अपनी प्लानिंग का हिस्सा बनाया है।




