वाराणसी में मंदिरों से साईं प्रतिमा हटाने के मामले में सनातन रक्षक दल नेता अजय शर्मा गिरफ्तार
Sanatan Rakshak Dal leader Ajay Sharma arrested in Varanasi for removing Sai statue from temples

वाराणसी/उत्तर प्रदेश। काशी के मंदिरों से साईं प्रतिमा हटाने के मामले में बुधवार को कमिश्नरेट पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। सनातन रक्षक दल के प्रदेश अध्यक्ष अजय शर्मा को वाराणसी पुलिस ने गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। वहीं इस गिरफ्तारी को लेकर बनारस के लोगों की राय बंटी हुई दिख रही है। जहां एक ओर बनारस की अड़ी पर आम लोग इस गिरफ्तारी को गलत बता रहे है तो वहीं अखिल भारतीय संत समिति ने इसे विपक्ष के टूल किट गैंग की सोची समझी साजिश बताई।डीसीपी काशी जोन गौरव बंसवाल ने बताया कि चौक थानांतर्गत आनंदमयी हनुमान मंदिर के पुजारी ने लिखित तहरीर दी, जिसके आधार पर अजय शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। अजय शर्मा पर धारा 295, 153, 452 और 505 के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। इसमें अधिकतम 3 साल की सजा है। गौरव बंसवाल ने बताया कि आनंदमयी मंदिर के पुजारी ने तहरीर में बताया कि अजय शर्मा ने उन्हें मंदिर से साई प्रतिमा को हटाने के लिए कहा था। बीते दो दिनों से लगातार साई प्रतिमा हटाने की बात सामने आ रही थी। अजय शर्मा के इस कृत्य से मुझे और अन्य लाखो साई भक्तों को ठेस पहुंची है।
अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेन्द्रानंद ने इस विवाद पर कहा कि सनातन हिंदू धर्म मे 127 संप्रदाय है। इन संप्रदायों में आपसी असहमति संभव है, लेकिन किसी को अपमानित करने का अधिकार किसी को नहीं है। मूर्ति जो आज हटाई जा रही है, उसे वर्षों पहले आखिर रखा किसने है? आज जो हटा रहे है, कल तक उनकी आस्था थी और आज नहीं है? कहीं ऐसा तो नहीं कि महाराष्ट्र चुनाव में शिरडी और आस-पास के क्षेत्र में इस विवाद से हिंदू समाज को बांटने की साजिश की जा रही है? कहीं ये अजय शर्मा विपक्ष के टूल किट गैंग का हिस्सा तो नहीं, इस बात की भी जांच होनी चाहिए। लोगों ने अजय शर्मा की गिरफ्तारी का विरोध करते हुए कहा कि मंदिर भगवान का पूजन स्थल होता है। भगवान के बगल में किसी संत महात्मा की प्रतिमा लगाकर उसे भगवान का दर्जा दिया जाना गलत है। अगर किसी की आस्था है तो वो अलग से साईं का मंदिर बना लें।




