सात माह में 25 शादियां, पति के साथ मिलकर शादी के नाम पर लोगों को ठगने का बनाया गिरोह

लुटेरी दुल्हन के खेल से सब हैरान,राजस्थान पुलिस ने किया भंडाफोड़

महराजगंज/उत्तर प्रदेश। महराजगंज जिले से एक चौंकाने वाला ठगी का मामला सामने आया है। जिले की एक युवती ने अपने पति के साथ मिलकर शादी के नाम पर लोगों को ठगने का संगठित गिरोह खड़ा कर दिया। इस युवती ने पिछले सात महीनों में 25 शादियां कीं। हर बार शादी के कुछ ही दिन बाद घर से नकदी, जेवर और मोबाइल लेकर फरार हो जाती थी। आखिरकार, राजस्थान पुलिस ने इस महिला को मध्य प्रदेश के भोपाल से गिरफ्तार कर लिया है। महराजगंज पुलिस को मामले की जानकारी नहीं है। हालांकि, घटना अब पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
मामला महराजगंज जिले के कोल्हुई थाना क्षेत्र का है। यहां के एक गांव की रहने वाली महिला ने अपने पति को धोखा दिया और एक लड़के के प्रेम में पड़ गई। महिला ने वर्ष 2018 में नौतनवा इलाके के एक युवक से प्रेम विवाह कर लिया। रिश्तेदारी में पहले से संबंध होने के कारण दोनों ने घर से भागकर शादी की। कुछ समय बाद यह जोड़ा गांव लौट आया। एक साल साथ रहा। इस दौरान महिला के आचरण से ससुराल वाले परेशान हो गए। ससुराल वालों ने उसे घर से अलग कर दिया। इसके बाद दोनों गांव के पास एक खाली घर में रहने लगे। इसी दौरान दोनों ने मिलकर शादी वाला गैंग शुरू करने की योजना बनाई।
गांव के लोगों का कहना है कि वर्ष 2021 में यह दंपती अपनी छह साल की बेटी को गांव में छोड़कर बिना बताए गायब हो गई। हालांकि, वह अपने साथ बेटे को ले गई। बाद में पता चला कि उन्होंने भोपाल में अपना नया ठिकाना बनाया है। वहीं से ठगी के एक बड़े नेटवर्क की शुरुआत की। बताया जाता है कि युवती और उसका पति अब एक छह सदस्यीय गिरोह चला रहे थे, जो शादी के लिए ऑनलाइन ऐप के जरिए युवकों को फंसाते थे।
इस गैंग की कार्यप्रणाली बेहद सुनियोजित थी। युवती अविवाहित युवकों को अपने झांसे में फंसाकर शादी करती थी और शादी के कुछ ही दिन बाद उनके घर से नकदी, जेवर और मोबाइल लेकर गायब हो जाती थी। सात महीनों में इस युवती ने 25 शादियां कीं और हर बार नया शिकार तलाशा। राजस्थान के मान टाउन निवासी विष्णु शर्मा ने 3 मई को पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि एक जानकार ने भोपाल में रहने वाली लड़की से शादी कराने का झांसा दिया था। शादी के लिए दो लाख रुपये लिए गए और सवाई माधोपुर कोर्ट में फर्जी एग्रीमेंट करवाकर शादी करवा दी गई। शादी के तीन दिन बाद ही युवती नकदी और गहने लेकर फरार हो गई।
इसके बाद राजस्थान पुलिस ने फर्जी शादी गैंग को पकड़ने की योजना बनाई। एक पुलिसकर्मी को शादी के इच्छुक युवक के रूप में युवती के पास भेजा गया। दूसरी ओर भोपाल में स्थानीय मुखबिरों की मदद से दबिश दी गई। गिरोह से संपर्क के दौरान एजेंट की फोटो से फरार युवती की पहचान हुई। आखिरकार पुलिस ने उसे धर दबोचा।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button