पालम अग्निकांड में उजड़ गया परिवार, ‘सबकुछ तबाह, सिस्टम का फेलियर’

पश्चिमी दिल्ली। पालम के राम चौक में बुधवार सुबह हुए भीषण अग्निकांड ने एक ही परिवार को पूरी तरह उजाड़ दिया। इस हादसे में अपने परिवार के नौ सदस्यों को खोने वाले राजेंद्र कश्यप का दर्द बृहस्पतिवार को फूट पड़ा। उन्होंने कहा कि सब कुछ तबाह हो गया, यह सिर्फ हादसा नहीं बल्कि पूरे सिस्टम का फेलियर है। इस हादने ने मेरा सबकुछ उजाड़ दिया।
पूरे क्षेत्र में शोक की लहर
इससे पूर्व बुधवार रात पोस्टमार्टम होने के बाद अग्निकांड में मारे गए कमल , प्रवेश , आशु , दीपिका , लाडो , हिमांशी और तीन मासूम बच्चियों का मंगलापुरी श्मशान भूमि में अंतिम संस्कार किया गया। इस दौरान राजेंद्र कश्यप ने अपने अपनी पत्नी लाडो और बेटा बहु, बेटी और पोती को मुखाग्नि दी। एक ही परिवार की नौ चिताओं को एक साथ जलता देख वहां मौजूद उन लोगों का दिल भी भर आया जो उन्हें जानते भी नहीं थे। वे भावुक हो उठे। पालम बाजार के लोगों की बड़ी संख्या श्मशान भूमि मौजूद रही और पूरे क्षेत्र में शोक की लहर छाई रही।
जांच जारी, कई सवाल बरकरार
दक्षिण पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त अमित गोयल के अनुसार, पालम थाने में अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इसी के तहत बृहस्पतिवार सुबह करीब 10 बजे एफएसएल (फारेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम पालम के राम चौक स्थित तीन मंजिला इमारत की जांच के लिए पहुंची। करीब 10 लोगों की जांच टीम के साथ ही दिल्ली पुलिस की क्राइम टीम ने भी मौके का निरीक्षण किया। करीब छह घंटों तक चली जांच के दौरान टीम ने बेसमेंट से लेकर तीसरी मंजिल तक हर हिस्से, बिजली के कनेक्शन और अन्य तकनीकी पहलुओं की बारीकी से जांच की और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए।
अब मिले साक्ष्यों के आधार पर आग लगने के मुख्य कारण और उसके तेजी से फैलने की वजहों का विश्लेषण किया जाएगा। पुलिस और फोरेंसिक टीम इसके माध्यम से आग के कारणों की जांच कर रही है। साथ ही अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन की भी पड़ताल की जा रही है।




