पुरानी दिल्ली के बाजारों में अतिक्रमण के खिलाफ सड़क पर उतरें व्यापारी

सदर बाजार में निकाला मार्च

दिल्ली ब्यूरो। पुरानी दिल्ली के थोक बाजारों में रेहड़ी-पटरी वालों के अतिक्रमण तथा अन्य समस्याओं के विरूद्ध दुकानदारों ने सदर बाजार में विरोध मार्च निकाला। जिसमें सदर बाजार के विभिन्न व्यापारी संगठनों के पदाधिकारियों व व्यापारियों के साथ ही चांदनी चौक, भागीरथ पैलेस, चावड़ी बाजार, खारी बावली, मोरी गेट समेत अन्य बाजारों के कारोबारी प्रतिनिधि शामिल हुए। यह विरोध मार्च बाराटूटी चौक से प्रारंभ होकर रूई मंडी, तेलीवाड़ा, कुतुब रोड व मुख्य बाजार होते हुए वापस बारा टूटी चौक पर संपन्न हुआ। पूरे मार्च के दौरान व्यापारी हाथ में बैनर और प्लेकार्ड लिए हुए थे, जिसमें हम टैक्स भरते हैं- कानून का पालन करते हैं- फिर क्यों अवैध पटरी है?, पटरी हटाओ-व्यापार बचाओ-दिल्ली बचाओ जैसे नारे लिखे हुए थे। विरोध मार्च का नेतृत्व करते हुए दिल्ली व्यापार महासंघ के अध्यक्ष देवराज बवेजा ने कहा कि व्यापारी वर्षों से अवैध रेहड़ी-पटरी वालों के अतिक्रमण की समस्या से जूझ रहे हैं। चिंताजनक स्थिति यह कि एमसीडी, दिल्ली पुलिस के साथ ही जनप्रतिनिधियों का गठजोड़ ऐसा कि सुप्रीम कोर्ट व हाई कोर्ट के आदेश भी निष्प्रभावी साबित हो रहे हैं।
इसलिए व्यापारियों को अपना व्यापार और बाजार बचाने के लिए सड़क पर उतरना पड़ा है। दिल्ली इलेक्ट्रिकल ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शर्मा ने कहा कि अतिक्रमण के चलते बाजारों में स्थिति खतरनाक होती जा रही है। फुटपाथ से लेकर सड़के तक गायब होती जा रही है। यह सुरक्षा के लिए गंभीर संकट है। लालकिला धमाके के बाद अतिक्रमण हटाने को लेकर अभियान चलाने का दावा किया गया था। लेकिन स्थिति फिर भी बदतर है। फेडरेशन आफ सदर बाजार ट्रेडर्स एसोसिएशन (फेस्टा) अध्यक्ष राकेश यादव ने कहा कि सदर बाजार में स्थिति भयावह है। रेहड़ी-पटरी वालों के अतिक्रमण के चलते जेब कटने, छेड़छाड़, सामान चोरी होने जैसी घटनाएं होती रहती है। चावड़ी बाजार के प्रधान बलदेव गुप्ता ने कहा कि अतिक्रमण के चलते जाम और वायु प्रदूषण की समस्या गंभीर होती जा रही है।
दिल्ली हिंदुस्तानी मर्केंटाइल एसाेसिएशन (डीएचएमए) के अध्यक्ष श्रीभगवान बंसल ने बताया कि पुरानी दिल्ली के बाजारों के कारोबारी संगठनों ने संयुक्त आंदोलन शुरू किया है, जो चांदनी चौक में विरोध मार्च 12 फरवरी को होगा। टाउन हाल से लाल किला तक होगा। उसके बाद भी सरकार ने चेती तो अन्य बाजारों में भी निकलेगा। विरोध मार्च में मोरी गेट के प्रधान, चंद्रभूषण गुप्ता, डीएचएमए के अध्यक्ष मुकेश सचदेवा,सदर बाजार के वरिष्ठ व्यापारी नेता परमजीत सिंह पम्मा, समेत अन्य शामिल हुए।

पुरानी दिल्ली के बाजारों में अतिक्रमण को लेकर व्यापारियों में आक्रोश, 27  जनवरी को होगी बड़ी बैठक - old delhi traders to protest encroachment court  orders ignored

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button