दिल्ली के संगम विहार थाने की महिला दारोगा रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार

आशीष वत्स/दक्षिणी दिल्ली। दिल्ली में भ्रष्टाचार विरोधी अभियान के तहत विजिलेंस टीम ने बड़ी कार्रवाई की है। संगम विहार थाने में तैनात एक महिला दारोगा को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। विजिलेंस विभाग को शिकायत मिली थी कि संबंधित दारोगा मामलों के निपटारे के लिए पैसों की मांग कर रही है। शिकायत की पुष्टि के बाद विजिलेंस ने जाल बिछाया और महिला दारोगा को तय रकम लेते समय गिरफ्तार कर लिया। जानकारी के अनुसार, महिला दारोगा नमिता नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता की मां से दो लाख रुपये की रिश्वत मांग रही थी।
विजिलेंस टीम ने जाल बिछाकर पहली किश्त लेते समय उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद नमिता को विजिलेंस टीम अपने साथ ले गई है। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है और आगे की कार्रवाई जारी है। इस मामले में महिला दारोगा पर भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है। यह मामला पुलिस विभाग में भ्रष्टाचार पर लगाम कसने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
इस घटना का समाज पर गहरा असर पड़ता है। जब पुलिस जैसी संस्था में भ्रष्टाचार सामने आता है तो आम जनता का विश्वास कमजोर होता है। नाबालिग दुष्कर्म पीड़िता के परिवार से रिश्वत मांगना न केवल कानूनन अपराध है बल्कि नैतिक रूप से भी बेहद शर्मनाक है। विजिलेंस की कार्रवाई से यह संदेश जाता है कि भ्रष्टाचार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों को सजा मिलेगी। ऐसे मामलों से जनता में जागरूकता बढ़ती है कि वे भ्रष्टाचार की शिकायत करने से पीछे न हटें।
संगम विहार थाने की महिला दारोगा की गिरफ्तारी यह साबित करती है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कानून और विजिलेंस विभाग सक्रिय हैं। हालांकि यह घटना पुलिस व्यवस्था पर सवाल भी उठाती है कि न्याय दिलाने वाली संस्था ही जब रिश्वतखोरी में लिप्त हो, तो आम जनता का भरोसा कैसे कायम रहेगा।




