ग्रीन एनर्जी से जगमग रहेगा बुलेट ट्रेन का पहला स्टेशन, अपनी तरह के अनूठे सोलर प्लांट से लैस हुआ साबरमती ट्रांजिट हब

अहमदाबाद/एजेंसी। देश की पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट के लिए अहमदाबाद में साबरमती मल्टी मॉडल ट्रांजिट हब का निर्माण किया गया है। दुनिया के सबसे बड़े नरेंद्र मोदी क्रिकेट स्टेडियम से कुछ दूरी पर स्थित इस बिल्डिंग पर मेगा सोलर प्लांट लगाया गया है। यह बिल्डिंग ग्रीन एनर्जी से जगमग होगी। बुलेट ट्रेन इसी जगह मुंबई के लिए रवाना होगी। ऐसे में साबरमती मल्टी मॉडल ट्रांजिट हब बुलेट ट्रेन का पहल स्टेशन और टर्मिनल है। इसे विकसित भारत के स्टेशन के तौर पर देखा जा रहा है। इस बिल्डिंग की डिजाइन और बाहरी सजावट जहां अनूठी है तो वही अब इस मेगा सोलर प्लांट ने इस और खास बना दिया है। गुजरात में पहली बार RESCO मोड में राज्य का पहला रूफ टॉप सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। इस श्रेय भी साबरमती मल्टी मॉडल ट्रांसपोर्ट हब को मिला है।
गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती मल्टी मॉडल ट्रांजिट हब बिल्डिंग में (नवीकरणीय ऊर्जा सेवा कंपनी) रेस्को मोड के तहत 700 किलोवाट का सोलर पावर प्लांट स्थापित किया गया है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर का निर्माण कर रही नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (एनएचएसआरसीएल) की इसकी जानकारी एक आधिकारिक बयान में दी है। एनएचएसआरसीएल गुजरात राज्य की पहली इकाई है। जिसने रेस्को मोड में नेट-मीटरिंग के लिए अनुमोदन और गुजरात ऊर्जा विकास एजेंसी (जीईडीए) द्वारा पंजीकरण प्राप्त प्राप्त किया है। इस पहल के परिणामस्वरूप पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में 2.73 करोड़ रुपये की पर्याप्त बचत हुई है। इसका उपयोग रूफ टॉप सोलर प्लांट इनस्टॉल करने में किया गया है। सोलर प्लांट से सालाना लगभग 10 लाख यूनिट ग्रीन एनर्जी उत्पन्न होने की उम्मीद है, जिसमें एनएचएसआरसीएल द्वारा 25 सालों की उल्लेखनीय अवधि के लिए शून्य निवेश और रखरखाव लागत होगी।
रेस्को मोड के तहत कार्यान्वित, सोलर फोटोवोल्टिक (पीवी) परियोजना को अगले 25 वर्षों के लिए 3.9 रुपये प्रति यूनिट की आकर्षक दर पर एमओयू किया गया है। यह दर लगभग 11 रुपये प्रति यूनिट की वर्तमान डिस्कॉम दर से काफी कम है, जो रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने को प्रोत्साहित करता है। पहले रूफ-टॉप सोलर प्रोजेक्ट के पंजीकरण के साथ एनएचएसआरसीएल द्वारा सभी स्टेशनों, बिल्डिंग्स, डिपो और शेड में इस तरह की और परियोजनाओं अमल में लाई जाएंगी। साबरमती हब एक मल्टी-मॉडल ट्रांजिट बिल्डिंग है। यह एचएसआर सिस्टम के साथ रेलवे स्टेशन, मेट्रो, बीआरटी और सड़क परिवहन जैसे अन्य साधनों को कनेक्टिविटी देगा।

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