70 साल की उम्र में मां बनकर जीवुबेन ने किया ‘चमत्कार’,

कच्छ/गुजरात। सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पशुपालन करने वाले मालधारी समाज के बुजर्ग दंपती की तस्वीरें खूब साझा की जा रही हैं। इनमें दावा किया जा रहा है कि शादी के 45 साल बाद तक महिला और उनके पति ने हर मंदिर के चक्कर लगाए, दुआ मांगी। इतना ही नहीं इलाज करवाया लेकिन गोद कभी नहीं भर पाई। उम्र बढ़ती गई और उम्मीदें टूटती गईं। रिश्तेदारों ने भी यह कहना शुरू कर दिया कि अब तो संभव ही नहीं है, लेकिन महिला ने हार नहीं मानी। वह 70 साल की उम्र में मां बनीं।
सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनीं यह चमत्कारिक कहानी पर आपको पहली बार में भले ही यकीन न हो, लेकिन तस्वीरों के जरिए किया जा रहा दावा बिल्कुल सही है। यह तस्वीरें गुजरात के कच्छ जिले की रापर तहसील के मोरा गांव निवासी जीवुबेन रबारी और उनके पति की हैं। जीवुबेन ने 70 साल की उम्र में मां बनने का सपना पूरा किया है। उनकी स्टोरी लाखों उन महिलाओं के लिए प्रेरक बन गई है, जाे कई बार मां नहीं बन पाने पर गलत कदम भी उठा लेती हैं। जीवुबेन ने यह चमत्कार विज्ञान की मदद से अक्टूबर, 2021 में किया था। वह IVF के जरिए मां बनी थीं।
रापर तालुका के मोरा गांव की रहने वाली जीवुबेन के पास अपनी उम्र साबित करने के लिए कोई डॉक्यूमेंट नहीं था, लेकिन उसने अपने डॉक्टरों को बताया कि उसने लगभग 65 से 70 गर्मियां देखी हैं। वह IVF से बच्चा पाने की अपनी इच्छा पर अड़ी थीं। चमत्कार देखिए कि किस्मत को भी इस कपल की इच्छा के आगे झुकना पड़ा। उन्हें शादी के 45 साल बाद उनका पहला बच्चा मिला।जीवुबेन ने यह सब तब संभव कर दिया जब डॉक्टरों ने उन्हें इस उम्र में प्रेग्नेंसी का रिस्क न लेने की सलाह दी थी, लेकिन वह बच्चा पाने को लेकर काफी इमोशनल थी। यह इसलिए भी संभव हुआ क्योंकि जीवूबेन की तरह ही उनके पति वालाभाई भी संतान चाहते थे।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जीवुबेन के मां बनने पर गाइनेकोलॉजिस्ट डॉ. नरेश भानुशाली कहते हैं कि हमने पहले ओरल दवाएं देकर उसके पीरियड्स को रेगुलर किया। फिर हमने उसके यूट्रस को चौड़ा किया जो उम्र की वजह से सिकुड़ गया था। हमने उसके एग्स को फर्टिलाइज किया और ब्लास्टोसिस्ट बनाकर उसे यूट्रस में ट्रांसफर कर दिया। डॉक्टरों ने दो हफ्ते बाद सोनोग्राफी की और फीटस को बढ़ता हुआ देखकर हैरान रह गए और उस पर नजर रखते रहे। बाद में उन्हें समय पर दिल की धड़कन मिली और कोई खराबी नहीं दिखी और इसलिए प्रेग्नेंसी जारी रखी। मां को कोई कोमोरबिडिटी नहीं थी, लेकिन उम्र से जुड़े ब्लड प्रेशर के खतरे को देखते हुए डॉक्टरों ने प्रेग्नेंसी के आठ महीने बाद सी-सेक्शन किया। इस तरह से जीवुबेन मां बनीं।
जीवुबेन को मां बने हुए चार साल हो चुके हैं लेकिन उनकी संकल्प भरे इच्छाशक्ति ही यह कहानी फिर एक बार सुर्खियों में हैं। सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा जा रहा है कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती और मां बनने की इच्छा कभी बूढ़ी नहीं होती। एक मां का दिल हार नहीं मानता है। 70 साल की उम्र में तरह स्वस्थ और सुरक्षित जन्म को डॉक्टरों ने भी दुनिया के सबसे दुर्लभ और प्रेरणादायक मामलों में दर्ज किया है।




