डिफाल्टर बनने की राह पर पाकिस्तान तो बाजवा ने संभाली कमान

अंतर्राष्ट्रीय डेस्क। पाकिस्तान लगातार अस्थिरता की ओर बढ़ता जा रहा है। पाकिस्तान कंगाली के उस मुहाने पर खड़ा है जहां अराजकता हावी होती नजर आ रही है। हाल ही में पाकिस्तान के प्रांत पंजाब में हुए उपचुनाव के नतीजों ने राजनीतिक अस्थिरता को तो बढ़ाया ही है, साथ ही सैन्य अस्थिरता की तरफ भी संकेत दे रही है। तंगहाली से जूझ रहे पाकिस्तान को डिफाल्टर बनने से बचाने के लिए अब सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने कमर कस ली है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा ने अमेरिका से आईएमएफ पर कर्ज की रकम जल्द जारी करने की बात की है।  पाकिस्तान इन दिनों भारी नकदी की कमी से जूझ रहा है और  देश घटते विदेशी मुद्रा भंडार की वजह से दिवालिया होने की कगार पर आ पहुंचा है।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार जनरल बाजवा ने कर्ज के लिए अमेरिका के ट्रेजरी डिपार्टमेंट से संपर्क साधा है। साथ ही ये गुहार लगाई है कि अमेरिका आईएमएफ पर 1.2 बिलियन डॉलर के रीलिफ पैकेज की सप्लाई के लिए दबाव बनाए। निक्केई एशिया ने बताया कि बाजवा ने इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिकी उप विदेश मंत्री वेंडी शेरमेन को फोन भी किया। लगभग 1.2 बिलियन अमेरिकी डॉलर के ऋण को जल्द से जल्द जारी करने के लिए आईएमएफ से बात करने की अपील की। । पिछले हफ्ते आईएमएफ ने कहा था कि वह पाकिस्तान के साथ 1.17 बिलियन डॉलर के कर्ज को लेकर स्टाफ लेवल की सहमति पर पहुंच चुका है।

गौरतलब है कि पाकिस्तान पूरी तरह से कंगाली की तरफ बढ़ चुका है। पाकिस्तान पूरी तरह से कंगाल हो चुका है लेकिन अभी उसकी मदद करने वाले कुछ देश बाकी हैं। पाकिस्तान की जो भौगोलिक स्थिति है वो ऐसी है कि इससे कुछ लोगों को फायदा मिल जाता है। इसलिए उसे उधार मिल जाता है। इसलिए पाकिस्तान उधार से ही फिलहाल अपना काम चला रहा है। विश्व बैंक की ऋण रिपोर्ट 2021 में पाकिस्तान को भारत और बांग्लादेश के मुकाबले काफी खराब रेटिंग की गई थी।

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