पाकिस्तान को सरेंडर करना होगा अपना परमाणु बम तब मिलेंगे अंतर्राष्ट्रीय मुद्रा कोष से पैसे? आर्मी चीफ मुनीर भागे चीन

अंतर्राष्ट्रीय डेस्क।   पाकिस्तान की तख्त पर बैठे हुक्मरानों और राजनेताओं की कठपुतली सरकार बिठाकर कंट्रोल अपने हाथ में रखने वाली सेना के अफसरों को बार-बार एटम बम का राग अलापते और गीदड़भभकी देते देखा होगा। लेकिन भारत को परमाणु बम की कोरी धमकी देने वाले पाकिस्तान को पहली बार ऐसा झटका लगा है, जिसे सुनकर आप भी हैरान हो जाएंगे। इस आप भारत की एक बड़ी जीत कह सकते हैं। ये बात तो किसी से छुपी नहीं रह गई है कि पाकिस्तान इन दिनों पैसे-पैसे का मोहताज है। आटे से लेकर तेल तक की कीमतें आसमान छू रही है। सरकारी अफसरों को वेतन देने तक के पैसे मुल्क के पास नहीं बचे हैं। वहां के सियासतदां मदद का कटोरा लिए अन्य देशों के पास फरियाद लगाते भी नजर आते हैं। सभी की तरफ से मदद का भरोसा तो दे दिया जाता है, लेकिन वो ये नहीं बताते कि ये पैसा पाकिस्तान को कब, कहां और कैसे मिलेगा?

आए दिन इस तरह की खबरें सामने आती रहती हैं कि इस देश ने पाकिस्तान को इतने डॉलर की मदद की, तो इस देश की तरफ से इतने की मदद राशि दी जाएगी। लेकिन ये पैसा पाकिस्तान की बैंकों में कब आएगा इसका पता तो पाकिस्तान को भी नहीं है। पाई-पाई को मोहताज मुल्क की मुसीबत से निकालने के लिए तुरंत पैसे की दरकार है और इसे आईएमएफ की सहायता से पूरा किया जा सकता है। पैसे देने के लिए आईएमएफ ने पाकिस्तान से  बड़ी बात कह दी है। अपनी शर्तों में आईएमएफ ने कहा है कि उसे लॉन्ग रेंज न्यूक्लियर मिसाइल प्रोग्राम को बंद करना होगा। डिफेंस बजट में 15 फीसदी की कटौती करनी होगी। सीपैक परियोजना के तहत जहां-जहां चीन का पैसा लगा है उसका थर्ड पार्टी से ऑडिट करवाना होगा। आईएमएफ ने ये भी कहा है कि उसे अपनी जनता पर टैक्स लगाना पड़ेगा।

आईएमएफ की मांग पर पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने ट्वीट करके जवाब दिया है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम के बारे में भ्रामक अटकलें दुर्भाग्यपूर्ण हैं। हमारे परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम के विधिवत प्रमाणित कड़े, फुल प्रूफ और बहुस्तरीय सुरक्षा घेरे में सुरक्षित हैं। हमारा परमाणु कार्यक्रम राष्ट्र की अटूट सहमति का प्रतिनिधित्व करता है और प्रतिरोध के लिए है।

पाकिस्तान के विदेश सचिव डॉ असद मजीद खान इस वक्त चीन में हैं। शुक्रवार को मजीद खान ने बीजिंग में चीन के स्टेट काउंसलर और विदेश मंत्री किन गांग से मुलाकात की है। इतना ही नहीं पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर भी चीन का दौरा करने वाले हैं। आसिम मुनीर को लग रहा है कि इमरान और शहबाज की लड़ाई में सेना कमजोर हो रही है। जियो टीवी की खबर के मुताबिक, पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान के अनुसार विदेश सचिव ने अपने चीनी समकक्ष के साथ बातचीत में ‘दोनों देशों के बीच भाईचारे’ को दोहराया।  मजीद के हवाले से कहा गया, ‘पाकिस्तान और चीन भाई, भरोसेमंद दोस्त और शांति और विकास के स्थायी साझेदार हैं।

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