आगरा में मानवता शर्मसार! सड़क पर न्यूड पड़ी रही इंजीनियरिंग की छात्रा, लोग बनाते रहे वीडियो

Humanity shamed in Agra! Engineering student lay nude on the road, people kept making videos

आगरा/उत्तर प्रदेश। आगरा में मानवता को शर्मसार करने वाला मामला सामने आया है। इंजीनियरिंग की स्टूडेंट सड़क पर बदहवास हालत में बिना कपड़ों के पड़ी थी। मगर उसकी मदद करने के बजाए लोग उसका वीडियो शूट कर रहे थे। लडक़ी की हालत देख मनोचिकित्सक ने मानवता दिखाई। उसे अपने क्लीनिक ले गई। जहां उसे फस्र्ट ट्रीटमेंट दिया। उसे कपड़े पहनाए। पुलिस को सूचना दी गई। मगर उसकी मदद करने के बजाए पुलिस सीमा विवाद में उलझाती रही। सामाजिक कार्यकर्ता ने एसीपी सुकन्या शर्मा को सूचना दी। एसीपी की मदद से युवती को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एसीपी ने बताया कि युवती लखनऊ की रहने वाली है। वह आगरा में पढ़ाई कर रही है।
मामला रविवार सुबह करीब 11 बजे का है। खंदारी के मऊ रोड पर एक युवती एक-एक कर अपने कपड़े उतार रही थी। उसने अपने पूरे कपड़े उतार दिए और बदहवास हालत में गिर पड़ी। ये देख आसपास के लोग उसका न्यूड वीडियो शूट करने लगे। पास में ही मनोचिकित्सक प्रिया श्रीवास्तव का क्लीनिक है। जब उन्हें युवती को देखा तो उसे अपने क्लीनिक ले आईं। युवती लखनऊ की रहने वाली है।
वह आगरा रहकर डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रही है। युवती के पास से दो बैग मिले हैं। जिनमें एक लैपटॉप और 2 टेबलेट, मोबाइल व उसके ऑरिजनल एकमेडिक डॉक्यूमेंट मिले हैं। इसके अलावा सडक़ पर उसका काफी सामान बिखरा पड़ा था।
सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस ने बताया कि उन्हें जब सूचना मिली तो वह मौके पर पहुंच गए। स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। चौकी से जब पुलिस आई तो वह सीमा विवाद में उलझ गई। पुलिसकर्मी कहने लगे कि ये सिकंदरा का मामला है और वे न्यू आगरा थाने से आए हैं। इसके बाद उन्होंने एसीपी सुकन्या शर्मा को सूचना दी। उन्होंने एंटी रोमियो स्क्वायड बुलाकर युवती को अस्पताल में भर्ती कराया है। जबकि करीब 4 घंटे तक युवती को लेकर सडक़ पर हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
महिला और बच्चों के लिए काम करने वाले सामाजिक कार्यकर्ता नरेश पारस का कहना है कि युवती के सामान में एक एफआईआर की कॉपी मिली है। जिसे उसने 11 अगस्त को दर्ज कराया था। अपने कालेज में पढऩे वाले एक स्टूडेंट पर दुष्कर्म करने का आरोप लगाया है। युवती जागरुक है। जब उसे खुली पीने के लिए पानी दिया गया तो उसने सील बंद बोतल मांगी थी। ऐसी वजह रही कि वह सडक़ पर अपने कपड़े उतारने लगी। उसकी काउंसलिंग कराई जाए। मेडिकल परीक्षण कराया जाए। ताकि इस मामले की सच्चाई पता चल सके।
रविवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आगरा आए हैं। उनकी मौजूदगी में महिला के साथ ऐसा बर्ताव नारी सुरक्षा अभियान पर कई सवाल खड़े कर रहा है। जो पुलिस महिला की मदद करने के बजाए सीमा विवाद का हवाला दे रही थी। उसकी कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। एसीपी सुकन्या शर्मा का कहना है कि उन्होंंने एंटी रोमियो की टीम को भेजकर युवती को मानसिक चिकित्सालय में भर्ती कराया है। ठीक हो जाने के बाद उसे नारी निकेतन भेजा जाएगा।

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