केदारनाथ, बद्रीनाथ में सीजन की पहली बर्फबारी, उत्तराखंड के इलाकों के लिए आईएमडी का ऑरेंज अलर्ट

Kedarnath, Badrinath receive season's first snowfall, IMD issues orange alert for Uttarakhand areas

देहरादून/एजेंसी। उत्तराखंड में बारिश का असर लगातार बना हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र ने गुरुवार को देहरादून, हरिद्वार, पौड़ी, बागेश्वर, नैनीताल, चंपावत और उधम सिंह नगर जिले में बिजली चमकने के साथ भारी से भारी बारिश जारी किया है। वहीं, उत्तरकाशी, टिहरी, चमोली, रुद्रप्रयाग, अल्मोड़ा और पिथौरागढ़ जिले में भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम की ऊंची पहाड़ियों में सीजन का पहला हिमपात हुआ है। इससे इन क्षेत्रों के तापमान में कमी आ गई है।
देहरादून में बारिश के रेड अलर्ट की चेतावनी के बाद डीएम सविन बंसल ने कक्षा 12 तक के संचालित सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रहेंगे। पर्वतीय जिलों के साथ ही मैदानी क्षेत्रों में 12 और 13 सितंबर को भारी से भारी बारिश के आसार हैं। वहीं, 14 सितंबर से बारिश हल्की होने के आसार हैं। बुधवार को केदारनाथ और बद्रीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर सीजन का पहला हिमपात हुआ है। बर्फबारी के साथ ही ठंड ने भी दस्तक दे दी है।
केदारनाथ धाम में मेरु-सुमेरु पर्वत पर की चोटियों पर जमकर हिमपात हुआ है। वहीं बद्रीनाथ धाम की ऊंची चोटियों पर भी मंगलवार की रात को पहला हिमपात हुआ। इसके चलते बद्रीनाथ धाम में भी ठंड बढ़ गई है। बारिश होने के कारण तापमान में गिरावट आ गई थी। वहीं सोनप्रयाग से केदारनाथ तक तेज बारिश होने के कारण केदारनाथ पैदल यात्रा 2 घंटे बंद रही। केदार घाटी में बार-बार मौसम खराब होने के कारण हेली सेवा भी प्रभावित हो रही है।
रुद्रप्रयाग से केदारनाथ तक सुबह 7:30 बजे तेज बारिश हुई, जिसके बाद सोनप्रयाग से पैदल मार्ग पर रुक-रुक कर बारिश होती रही। मौसम विभाग के अलर्ट के चलते और बारिश होने के कारण पुलिस प्रशासन ने यात्रा को कुछ देर के लिए रोक दिया। इस दौरान गौरीकुंड से केदारनाथ के बीच पैदल मार्ग पर यात्रियों को सुरक्षित स्थान पर रुकने के लिए जरूरी संदेश दिए गए। सोनप्रयाग से गौरीकुंड की बीच दोतरफा आवाजाही हो रही है। सेक्टर मजिस्ट्रेट राकेश सिंह के अनुसार सभी यात्रियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। खराब मौसम के कारण पैदल यात्रा सुबह 2 घंटे के लिए बाधित रही, लेकिन सुबह 9:30 बजे यात्रा को दोबारा शुरू कर दिया गया।
गढ़वाल कमिश्नर विनय शंकर पांडे और आपदा सचिव विनोद कुमार सुमन ने केदारनाथ यात्रा और आपदा प्रबंधन को लेकर प्रशासन और विभाग अधिकारियों के साथ बैठक में सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच भूस्खलन और अति संवेदनशील स्थानों पर मास्क और हैलोजन लाइट लगाने और सुरक्षा यात्रा सुरक्षित यात्रा करने के लिए प्रॉपर निर्देश दिए। साथ ही, यह भी तय किया गया है कि बारिश के दौरान तीर्थ यात्री हेलमेट पहनकर घाटी पार करेंगे। सचिव विनोद कुमार सुमन ने बताया कि मुख्यमंत्री यात्रा पर स्वयं नजर रखे हुए हैं।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button