मोदी- योगी को अपना भाई क्यों बता रही मुस्लिम महिला? दबंगों ने उजाड़ा आशियाना, पोस्टर के साथ लगा रही फरियाद

कानपुर/उत्तर प्रदेश। कानपुर से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है। एक मुस्लिम महिला प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ को अपना भाई बता रही है। पीएम मोदी और सीएम योगी के पोस्टर हाथों में लेकर घूम रही है। पीड़िता रो- रोकर न्याय की गुहार लगा रही है। उसकी सुनवाई नहीं हो रही है। पीड़ित मुस्लिम महिला का आरोप है कि दबंगों ने घर में घुसकर तोड़फोड़ की। वह जिस मकान में रहती है, उसमें दबंग कब्जा करना चाहते हैं। पूरे परिवार पर दबाव बनाकर प्रताड़ित करते हैं। पुलिस के सामने भी आशियाना उजाड़ दिया। पुलिस मूकदर्शक बनी रही।
बेकनगंज थाना क्षेत्र स्थित पेचबाग के नत्थू कॉम्प्लेक्स में रहने वाली शमसाद बेगम अपने परिवार के साथ बीते 55 साल से किराए पर रह रही है। शमसाद बेगम का आरोप है कि बीते 17 दिसंबर को मशूद हाशिम उर्फ मुन्ना अपने 10 से 12 साथियों के साथ आया। उसके गुर्गों ने मेरा आशियाना उजाड़ दिया। घर का सामान उठाकर फेंकने लगे। हमने डायल 112 पर फोन किया। पुलिस आ गई, लेकिन पुलिस के सामने भी दबंग तोड़फोड़ करते रहे। मेरे पास सभी के वीडियो भी हैं।
प्रॉपर्टी का चल रहा मुकदमा
पीड़िता ने बताया कि मुन्ना का कहना है कि इस प्रॉपर्टी की मेरे पास रजिस्ट्री और दाखिल- खारिज दोनों है। अब प्रॉपर्टी का मुकदमा भी चल रहा है। शनिवार 17 दिसंबर को कोर्ट में केस की तारीख भी थी। यह प्लॉट मुमताज अहमद का है। मुमताज अहमद आते थे और मेरे पिता से किराया ले जाते थे। इसके बाद उनका बेटा किराया लेने के लिए आने लगा। मुमताज अहमद और उनके बेटे की मौत हो गई। इसके बाद से हमारे यहां किराया लेने के लिए कोई भी नहीं आया है।
पीड़िता का कहना है कि हम लोगों ने मुमताज अहमद के परिजनों से संपर्क किया। उनसे कहा कि यदि यह प्लॉट बेचना है तो हमें बेच दीजिए। यदि हमारी हैसियत होगी तो हम खरीद लेंगे। यदि हमारी हैसियत नहीं होगी तो प्लॉट खाली कर के चले जाएंगे। लेकिन, उनका कोई भी संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
मोदी- योगी से उम्मीद की आस
पीड़िता कहती हैं, मोदी- योगी के पोस्टर इसलिए लेकर घूम रही हूं कि यह हमारे भइया हैं। उन्होंने वादा किया है कि किसी तरह का जुल्म महिलाओं पर नहीं होने दूंगा। मुझे पता है कि इंसाफ सिर्फ नरेंद्र मोदी और योगी आदित्यनाथ ही दे सकते हैं। कानपुर पुलिस से मुझे इंसाफ नहीं मिलेगा। मेरी इतनी हैसियत नहीं है कि मैं सीएम योगी के जनता दरबार में जा सकूं। परेड चौकी से कुछ पुलिसकर्मी आते हैं और कहते हैं कि यहां से जल्दी निकलो, वरना मुकदमा लिख देंगे। हमारे घर का खाना फेंक दिया गया। हम लोग भूखे रह रहे हैं।

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