2029 तक जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद से मुक्त करने का लक्ष्य, सुरक्षा ग्रिड मजबूत करेगी पुलिस
जम्मू जोन के आईजीपी तेजिंदर सिंह ने बुधवार को दावा करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई जारी है और पूरे क्षेत्र में लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि उनका लक्ष्य 2029 तक जम्मू कश्मीर को आतंकवाद से पूरी तरह मुक्त बनाना है।

जम्मू,एजेंसी। जम्मू जोन के पुलिस महानिरीक्षक तेजिंदर सिंह ने वर्ष 2029 तक जम्मू-कश्मीर को आतंकवाद से पूरी तरह मुक्त बनाने के लक्ष्य को दोहराते हुए कहा कि सुरक्षा एजेंसियां आतंकवाद के पूरे तंत्र को ध्वस्त करने और आतंकवादियों को मदद पहुंचाने वाले नेटवर्क को तोड़ने के लिए अभियान तेज करेंगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लगातार जारी है और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए निरंतर कार्रवाई की जा रही है।
तेजिंदर सिंह ने कहा कि आने वाले दिनों में पुलिस का मुख्य ध्यान आतंकवादियों के नेटवर्क को निशाना बनाने, छिपे हुए आतंकवादियों का पता लगाने और उन्हें निष्क्रिय करने पर रहेगा। इसके साथ ही क्षेत्र में शांति और सौहार्द बनाए रखने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया जाएगा। सीमा, नियंत्रण रेखा और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े सभी पहलुओं पर विशेष ध्यान देते हुए सुरक्षा ग्रिड को सुदृढ़ किया जाएगा।
आईजीपी ने आतंकवाद और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लड़ाई में आम लोगों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि नशीले पदार्थों का कारोबार सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है और इसके विरुद्ध अभियान को आने वाले दिनों में और तेज किया जाएगा। उन्होंने लोगों से अपील की कि मादक पदार्थों की तस्करी या संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी जानकारी पुलिस हेल्पलाइन अथवा सीधे पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
उन्होंने कहा कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मादक पदार्थों के खतरे से निपटने पर जोर दिया है। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने वर्ष 2029 तक इस समस्या को जड़ से समाप्त करने का लक्ष्य रखा है। इसी दिशा में पुलिस आतंकवाद के तंत्र और नार्को-टेररिज्म के खिलाफ कार्रवाई पर विशेष ध्यान दे रही है। नार्को-टेररिज्म के तहत अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से अर्जित धन का इस्तेमाल आतंकवादी और देशविरोधी गतिविधियों के वित्तपोषण में किया जाता है।
तेजिंदर सिंह ने कहा कि मादक पदार्थों की तस्करी में शामिल नेटवर्क, विशेषकर पाकिस्तान से आने वाली हेरोइन की तस्करी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने ऐसे कारोबार में शामिल लोगों को सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए कहा कि पुलिस संबंधित नेटवर्क पर निगरानी रख रही है। शहजाद नार्को नेटवर्क और गैंगस्टर गतिविधियों से जुड़े मामलों में भी कार्रवाई जारी रहेगी।
आईजीपी के मुताबिक, मादक पदार्थों के कारोबार से जुड़े लोगों की संपत्तियां जब्त करने और नशीले पदार्थों की बरामदगी का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। हाल में भी इस दिशा में कुछ अतिरिक्त बरामदगियां की गई हैं। उन्होंने कहा कि आतंकवाद और नशे के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई के लिए सुरक्षा एजेंसियों के प्रयासों के साथ जनसहयोग भी बेहद जरूरी है।
पुलिसकर्मियों के बलिदान और शहादत का उल्लेख करते हुए तेजिंदर सिंह ने कहा कि उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि यही होगी कि भविष्य में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उन्होंने भरोसा जताया कि आतंकवाद और मादक पदार्थों के नेटवर्क के खिलाफ निरंतर कार्रवाई से क्षेत्र में शांति और सुरक्षा को और मजबूत करने में मदद मिलेगी।




