अयोध्या की डिजिटल रामलीला की वैश्विक पहुंच का दावा, 74 करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुंची रामकथा

दिल्ली में 10 से 20 अक्टूबर तक आयोजित फिल्मी सितारों की रामलीला को विभिन्न डिजिटल और प्रसारण माध्यमों पर 74 करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुंचने का आयोजकों ने दावा किया है।

अयोध्या,उत्तर प्रदेश। रामनगरी अयोध्या की डिजिटल रामलीला ने इस वर्ष दर्शकों तक पहुंच के मामले में नया कीर्तिमान बनाने का दावा किया है। आयोजकों के अनुसार, 10 से 20 अक्टूबर तक दिल्ली के रफी मार्ग स्थित मावलंकर हॉल में आयोजित रामलीला को विभिन्न डिजिटल और प्रसारण माध्यमों के जरिए 74 करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुंच मिली। 57 से अधिक देशों में प्रसारित इस आयोजन में दिल्ली और मुंबई के 211 से अधिक कलाकारों ने अलग-अलग किरदार निभाए। आधुनिक तकनीक, भव्य मंच सज्जा और फिल्मी सितारों की भागीदारी ने इस आयोजन को खास पहचान दी।
रामलीला समिति के संस्थापक सुभाष मलिक (बॉबी) के मुताबिक, इस वर्ष पहली बार दिल्ली में रामलीला का आयोजन किया गया। कोरोना काल में वर्ष 2020 में शुरू हुई डिजिटल रामलीला का उद्देश्य रामकथा को तकनीक के माध्यम से देश-विदेश के दर्शकों तक पहुंचाना है। आयोजकों का कहना है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में शुरू हुई इस पहल की पहुंच लगातार बढ़ रही है। इस वर्ष आयोजित बाल रामलीला को भी दर्शकों की सराहना मिली।
इस बार रामलीला में भोजपुरी अभिनेता और सांसद रवि किशन ने भगवान श्रीराम तथा मिस यूनिवर्स इंडिया केजिया लिज मेजो ने माता सीता की भूमिका निभाई। विंदू दारा सिंह भगवान शिव, अरुण बख्शी रावण, शहबाज खान मेघनाद, पुनीत इस्सर भगवान परशुराम और राजा मुराद कुंभकर्ण के किरदार में नजर आए। थ्री-डी तकनीक और आधुनिक मंच सज्जा के जरिए रामकथा को भव्य रूप में प्रस्तुत किया गया। आयोजकों के अनुसार, मिस यूनिवर्स से जुड़ी विशेष प्रस्तुतियां भी आकर्षण का हिस्सा रहीं।
रामलीला का प्रसारण आराधना टाटा प्ले, शेमारू मी, वीआई ऐप, एयरटेल, शेमारू भक्ति के यूट्यूब चैनल, फेसबुक और अन्य डिजिटल मंचों पर किया गया। आयोजकों की ओर से साझा किए गए आंकड़ों में शेमारू भक्ति यूट्यूब चैनल पर सात करोड़ से अधिक दर्शकों तक पहुंच का दावा किया गया है। विभिन्न मंचों के लिए अलग-अलग दर्शक आंकड़े भी साझा किए गए, जिनमें फेसबुक के लिए 13 करोड़, अन्य यूट्यूब मंचों के लिए 12 करोड़, टाटा प्ले के लिए आठ करोड़ और शेमारू भक्ति धाम यूट्यूब चैनल के लिए छह करोड़ दर्शकों का उल्लेख है। हालांकि, इन आंकड़ों के आकलन की पद्धति और अलग-अलग मंचों के दर्शकों के बीच संभावित दोहराव की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है।
आयोजकों के मुताबिक, डिजिटल रामलीला की शुरुआत वर्ष 2020 में कोरोना महामारी के दौरान हुई थी। उस समय उत्तर प्रदेश के तत्कालीन पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री नीलकंठ तिवारी ने इसका शुभारंभ किया था। समिति द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2020 में दर्शकों की संख्या 16 करोड़ रही, जो 2021 में 20 करोड़, 2022 में 25 करोड़, 2023 में 40 करोड़, 2024 में 41 करोड़ और 2025 में 62 करोड़ बताई गई। इस वर्ष के लिए यह आंकड़ा 74 करोड़ से अधिक होने का दावा किया गया है।
रामलीला समिति के महासचिव शुभम मलिक और उपाध्यक्ष जतिन मलिक सहित आयोजन से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि डिजिटल मंचों के विस्तार ने रामकथा को भारत के साथ विदेशों में रहने वाले श्रद्धालुओं तक पहुंचाने में मदद की है। आयोजकों के अनुसार, इस वर्ष प्रसारण एशिया, यूरोप, अफ्रीका, उत्तरी अमेरिका और ओशिनिया के 57 से अधिक देशों तक पहुंचा। इनमें नेपाल, श्रीलंका, बांग्लादेश, इंडोनेशिया, मलेशिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, मॉरीशस, फिजी, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, कनाडा और अमेरिका सहित कई देश शामिल हैं।
आयोजकों का मानना है कि पारंपरिक रामलीला को आधुनिक तकनीक से जोड़ने से नई पीढ़ी और विदेशों में बसे भारतीय समुदाय तक रामकथा पहुंचाने के नए अवसर बने हैं। हालांकि, 74 करोड़ से अधिक दर्शकों का आंकड़ा आयोजकों की ओर से जारी किया गया है और इसे स्वतंत्र रूप से सत्यापित दर्शक संख्या के बजाय आयोजन की बताई गई डिजिटल पहुंच के रूप में देखा जाना चाहिए।

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