पहलगाम हमले के बाद शहीद जवान की पत्नी को मिली पुलिस होमगार्ड की नौकरी
After the Pahalgam attack, the wife of the martyred soldier got the job of Police Home Guard

- पहलगाम आतंकी हमले के बाद शहीद हुए थे झंटू अली
- ममता बनर्जी ने मुर्शिदाबाद दौरे में दी पत्नी को नौकरी
- आतंकियो से मुठभेड़ में गई थी सेना के जवान की जान
कोलकाता/एजेंसी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आतंकी मुठभेड़ में शहीद सेना के हवलदार झंटू अली शेख की पत्नी को मंगलवार को पुलिस होमगार्ड की नौकरी प्रदान की तथा उनके परिवार को भविष्य में हरसंभव मदद का आश्वासन दिया। बनर्जी ने कहा कि राज्य सरकार ने शेख के बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी ली है। जम्मू-कश्मीर के उधमपुर इलाके में पिछले महीने तलाशी अभियान के दौरान सुरक्षा बलों और आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ में शेख शहीद हो गए थे।
बनर्जी ने कहा कि कृष्णानगर के तेहट्टा के झंटू अली शेख ने देश के लिए अपनी जान दे दी है। हमें उन पर गर्व है, हम उन्हें सलाम करते हैं। आज उनकी पत्नी शहनाज शेख को कृष्णनगर पुलिस जिले में होमगार्ड की नौकरी दी गई है। हमने बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी ली है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने भी परिवार को 10 लाख रुपये दिये हैं। बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि वह हमेशा उनके परिवार के सदस्य के रूप में उनके साथ रहेंगी। बनर्जी मुर्शिदाबाद जिले के दो दिवसीय दौरे पर हैं, जहां उन्होंने पिछले महीने हुए सांप्रदायिक दंगे के पीड़ितों से मुलाकात की।
झंटू अली शेख जम्मू-कश्मीर के उधमपुर जिले के डूडा बसंतगढ़ इलाके में शहीद हुए थे। इसके बाद उनका पश्चिम बंगाल के नादिया जिले में पूरे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया था। इस मौके पर झंटू अली शेख के भाई रफीकुल शेख ने कहा था कि मैं अपने भाई के नक्शेकदम पर चलूंगा। रफीकुल शेख भी सेना में सुबेदार हैं। झंटू अली शेख इंडियन आर्मी के 6 पैरा स्पेशल फोर्स में हवलदार के पद पर थे। उन्होंने आगरा में पैरा कमांडो की ट्रेनिंग पूरी की थी। पहलगाम हमले के बाद सेना को इनपुट मिला था कि कुछ आतंकी जंगल में छिपे हैं। सुरक्षा बलों ने इसके बाद ऑपरेशन चलाया था। इसमें वह शहीद हुए थे।


