सड़क विवाद में मंत्री पर थप्पड़ मारने का आरोप, प्रवेश साहिब सिंह का पलटवार, परिवार को गाली देने और कमीशन मांगने का लगाया आरोप
तिलक नगर में सड़क की गुणवत्ता को लेकर हुए विवाद में पीडब्ल्यूडी मंत्री प्रवेश वर्मा और साहेब सिंह की ओर से शिकायतें मिली हैं। साहेब सिंह ने थप्पड़, गाली-गलौज और धमकी के आरोप लगाए हैं। मंत्री ने भी घटना के लिए कथित अभद्र व्यवहार को जिम्मेदार बताया है। पुलिस सीसीटीवी और दोनों पक्षों की शिकायतों की जांच कर रही है।

नई दिल्ली। तिलक नगर में सड़क निर्माण की गुणवत्ता को लेकर हुए विवाद और थप्पड़ प्रकरण में दिल्ली के लोक निर्माण विभाग मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने अपने पक्ष को सामने रखते हुए कहा है कि वायरल किए जा रहे वीडियो में घटना का पूरा संदर्भ नहीं दिखाया गया है। मंत्री के अनुसार, आम आदमी पार्टी विधायक जरनैल सिंह के साथ आए एक कार्यकर्ता ने उनके परिवार को गाली दी, जिसके बाद आवेश में उन्होंने हाथ उठाया। उन्होंने कहा कि वीडियो के पीछे की पूरी सच्चाई सामने आना जरूरी है।
प्रवेश साहिब सिंह के मुताबिक, विकासपुरी रिंग रोड पर पिछले कई दिनों से सड़क निर्माण का काम चल रहा था। वह स्वयं मौके पर सड़क निर्माण का निरीक्षण करने पहुंचे थे। उनका दावा है कि स्थानीय लोगों ने उन्हें बताया कि इलाके में करीब 15 वर्षों से सड़क निर्माण का काम नहीं हुआ था और अब सड़क का निर्माण कराया जा रहा है। मंत्री ने आरोप लगाया कि आप विधायक जरनैल सिंह सड़क निर्माण को लेकर लगातार पीडब्ल्यूडी इंजीनियरों पर दबाव बना रहे थे और उन्हें ठेकेदार से मिलवाने तथा कमीशन दिलाने की मांग कर रहे थे।
मंत्री ने यह भी दावा किया कि उन्होंने जरनैल सिंह को मौके पर आने के लिए फोन किया और करीब 45 मिनट तक उनका इंतजार किया। उनके अनुसार, विधायक अपने समर्थकों के साथ मौके पर पहुंचे और वहां माहौल गर्म हो गया। इसी दौरान उनके एक कार्यकर्ता द्वारा परिवार को कथित रूप से गाली दिए जाने के बाद उन्होंने आवेश में प्रतिक्रिया दी। प्रवेश साहिब सिंह का कहना है कि सोशल मीडिया पर केवल थप्पड़ का वीडियो प्रसारित कर पूरे घटनाक्रम को एकतरफा तरीके से पेश किया जा रहा है।
मंत्री ने जरनैल सिंह पर एक और गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि जब सड़क निर्माण का काम रात में पूरा किया जाता था, उसके बाद कथित तौर पर अगले दिन सड़क को नुकसान पहुंचाकर उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाने वाले वीडियो बनाए जाते थे। हालांकि, ये मंत्री द्वारा लगाए गए आरोप हैं और पुलिस जांच में इनकी पुष्टि होना बाकी है।
इस विवाद में पीडब्ल्यूडी के कर्मचारियों और ठेकेदार की ओर से भी शिकायतें सामने आई हैं। इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, पीडब्ल्यूडी के एक सहायक अभियंता ने शिकायत में आरोप लगाया कि 24 सितंबर की रात जरनैल सिंह और उनके साथ आए लोगों ने निर्माण स्थल पर कर्मचारियों के साथ कथित अभद्रता की और ठेकेदार से अवैध आर्थिक हिस्से की मांग की। ठेकेदार कंपनी की शिकायत में भी काम रुकवाने और आर्थिक मांग किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। इन शिकायतों की भी जांच की जा रही है।
प्रवेश साहिब सिंह ने कहा है कि पीडब्ल्यूडी के इंजीनियर ने संबंधित थाने में शिकायत दी है और उनके अनुसार एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की जा रही है। हालांकि, दिल्ली पुलिस की 28 सितंबर की स्थिति के अनुसार इस विवाद को लेकर अब तक पांच शिकायतें प्राप्त हुई थीं, लेकिन किसी मामले में एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। पुलिस सभी शिकायतों और उपलब्ध वीडियो की जांच कर रही है।
दूसरी ओर, साहेब सिंह ने मंत्री पर थप्पड़ मारने, गाली-गलौज और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वह सड़क की गुणवत्ता को लेकर सवाल उठा रहे थे और घटना के दौरान वीडियो रिकॉर्ड कर रहे थे। पुलिस ने उनकी शिकायत भी प्राप्त की है। फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए हैं और पुलिस तथ्यों का सत्यापन कर रही है।
मामले में मंत्री का पक्ष यह है कि वायरल वीडियो को पूरे घटनाक्रम के संदर्भ से अलग करके देखा जा रहा है, जबकि उनके अनुसार विवाद की शुरुआत सड़क निर्माण और मौके पर हुए कथित अभद्र व्यवहार से हुई। अब पुलिस जांच, सीसीटीवी फुटेज, वायरल वीडियो और विभिन्न शिकायतों के आधार पर घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।




