जीटीबी अस्पताल में बनेगा 250 बिस्तरों वाला सुपर स्पेशियलिटी एवं ट्रॉमा ब्लॉक
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैबिनेट ने जीटीबी अस्पताल में 250 बेड के सुपर-स्पेशियलिटी कम ट्रॉमा ब्लॉक को मंजूरी दी है। यह सात मंजिला इमारत 244.87 करोड़ रुपये की लागत से बनेगी।

नई दिल्ली। दिल्ली सरकार ने जीटीबी अस्पताल में 250 बिस्तरों की क्षमता वाले सुपर स्पेशियलिटी एवं ट्रॉमा ब्लॉक के निर्माण को मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में इस महत्वपूर्ण स्वास्थ्य परियोजना को स्वीकृति प्रदान की गई। प्रस्तावित ब्लॉक के निर्माण पर करीब 244.87 करोड़ रुपये की लागत आने का अनुमान है। सरकार का उद्देश्य अस्पताल में गंभीर रूप से घायल और अत्यंत गंभीर मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधाएं एक ही परिसर में उपलब्ध कराना है।
प्रस्ताव के अनुसार, नया ब्लॉक सात मंजिला होगा, जिसमें गंभीर मरीजों के उपचार के लिए 77 गहन चिकित्सा बिस्तर उपलब्ध होंगे। इसके अलावा नौ आधुनिक ऑपरेशन थिएटर और 48 बाह्य रोगी विभाग के कक्ष बनाए जाने की योजना है। नए भवन में आपातकालीन उपचार, जांच और शल्य चिकित्सा से संबंधित सुविधाओं को एकीकृत तरीके से विकसित किया जाएगा, ताकि गंभीर मरीजों को इलाज के लिए अलग-अलग स्थानों पर ले जाने की आवश्यकता कम हो।
नई सुविधा विशेष रूप से दुर्घटनाओं और अन्य गंभीर आपात स्थितियों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। प्रस्तावित व्यवस्था के तहत मरीजों को चौबीसों घंटे और सप्ताह के सातों दिन आपातकालीन चिकित्सा सेवा उपलब्ध कराने की योजना है। गंभीर चोटों वाले मरीजों की तत्काल जांच, चिकित्सकीय निगरानी और आवश्यक सर्जरी की सुविधा एक ही छत के नीचे उपलब्ध होने से उपचार की प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने में मदद मिलने की उम्मीद है।
जीटीबी अस्पताल उत्तर-पूर्वी दिल्ली के साथ आसपास के क्षेत्रों के लिए भी महत्वपूर्ण स्वास्थ्य केंद्र है। यहां बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ट्रॉमा और गंभीर रोगियों के लिए अलग तथा आधुनिक सुविधाओं का विस्तार होने से मौजूदा स्वास्थ्य ढांचे पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है। साथ ही, गंभीर मरीजों को समय पर विशेषज्ञ चिकित्सकीय सेवाएं उपलब्ध कराने की क्षमता भी बढ़ेगी।
प्रस्तावित सात मंजिला भवन में आधुनिक चिकित्सा ढांचे के साथ गंभीर मरीजों की निगरानी और उपचार के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं विकसित की जाएंगी। 77 गहन चिकित्सा बिस्तरों की व्यवस्था गंभीर अवस्था वाले मरीजों के लिए उपचार क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण होगी, जबकि नौ आधुनिक ऑपरेशन थिएटर के माध्यम से विभिन्न प्रकार की जटिल शल्य चिकित्सा सेवाओं को विस्तार दिया जा सकेगा। 48 बाह्य रोगी विभाग के कक्षों से नियमित जांच और विशेषज्ञ परामर्श की सुविधा भी बढ़ेगी।
दिल्ली सरकार के अनुसार, इस परियोजना का व्यापक उद्देश्य राजधानी में आपातकालीन और विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना है। परियोजना के पूरा होने के बाद जीटीबी अस्पताल में गंभीर दुर्घटना और अन्य आपात स्थितियों से निपटने की क्षमता में विस्तार होने की उम्मीद है। सरकार की मंजूरी के बाद अब परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया शुरू होगी।




