गाजियाबाद में नौ साल से सोसायटी में रह रहे थे लोग, अब नोटिस चस्पा, बिल्डर पर मुकदमा दर्ज

गाजियाबाद। इंदिरापुरम थाना क्षेत्र के ज्ञानखंड एक में नौ साल से लोग एक आवासीय सोसायटी में रहकर बैंक की लोन किश्त जमा कर रहे थे और उन्हें नहीं पता था कि जिस बिल्डर से उन्होंने फ्लैट खरीदा है उससे यह साेसायटी दूसरे बिल्डर ने कब्जे में ले ली है।
अब नौ साल बाद जब दूसरे बिल्डर ने सोसायटी में पजेशन के नोटिस चस्पा किए तो लोगों को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। इसके बाद एक पीड़ित ने मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
ज्ञानखंड एक के प्लॉट संख्या 118 पर बनी आवासीय सोसायटी में रहने वाले प्रदीप कुमार ने दर्ज एफआइआर में बताया है कि नौ साल पहले मंगल्या रियलटेक ने बहुमंजिला सोसायटी बनाई थी। इसके लिए बिल्डर कंपनी ने रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस लिमिटेड के पास जमीन गिरवी रखकर लोन लिया था। बाद में आथम इंवेस्टमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने लोन और भूखंड को अपने कब्जे में ले लिया था।
उनका आरोप है कि कब्जे की यह जानकारी फ्लैटों के खरीदारों से छिपाई गई और 21 लोगों ने बैंक से लोन लेकर फ्लैट खरीदे। ये लोग आजतक सोसायटी में रह रहे हैं और लोन की किश्त जमा कर रहे हैं। आरोप है कि नौ साल बाद अब आथम इंवेस्टमेंट इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड ने छह नवंबर को सोसायटी में कब्जे के नोटिस चस्पा कर दिए।
आरोप है कि जब उन्होंने मामले की शिकायत मंगल्या रियलटेक से की तो बिल्डर ने उन्हें धमकी दी। इसके बाद सभी 21 पीड़ितों ने पुलिस कमिश्नर से मिलकर शिकायत की। पुलिस कमिश्नर के आदेश पर इंदिरापुरम पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। एसीपी इंदिरापुरम अभिषेक श्रीवास्वत का कहना है कि मामले में रिपोर्ट दर्ज कर जांच की जा रही है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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