पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में 14 मौतों के बाद प्रशासन का बड़ा एक्शन, कई अधिकारी-कर्मचारी निलंबित
कौशाम्बी के चिल्ला साहबाजी में पटाखा फैक्ट्री विस्फोट में अब तक 14 लोगों की मौत और तीन लोग घायल हुए हैं। मृतकों के परिजनों को आठ-आठ लाख और घायलों को एक-एक लाख रुपये की सहायता दी गई है। दोषियों पर गंभीर धाराओं और रासुका के तहत कार्रवाई शुरू हुई है। लापरवाही के आरोप में राजस्व विभाग के आठ कर्मचारी निलंबित किए गए हैं, जबकि अग्निशमन और चकबंदी विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की गई है। प्रशासन ने अवैध संपत्तियों पर जब्ती और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई के साथ पटाखा लाइसेंस व्यवस्था की सख्ती से निगरानी शुरू कर दी है।

सचिन पांडेय/जिला ब्यूरो चीफ
कौशाम्बी/उत्तर प्रदेश। चिल्ला साहबाजी में पटाखा फैक्ट्री में हुए भीषण विस्फोट के बाद प्रशासन ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। हादसे में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन घायलों का उपचार जारी है। घटना के बाद जिलाधिकारी ने पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि मृतकों के परिजनों को आठ-आठ लाख रुपये तथा घायलों को एक-एक लाख रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई गई है। मुख्यमंत्री के निर्देश पर पीड़ित परिवारों को आवास योजना का लाभ भी दिलाए जाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
जिलाधिकारी के मुताबिक, विस्फोट की घटना के संबंध में दोषियों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत भी कार्रवाई की जा रही है। इसके साथ ही आरोपियों की अवैध संपत्तियों के जब्तीकरण और ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी प्रशासन की ओर से जारी है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि महमूदपुर गांव का पटाखा लाइसेंस पहले ही निरस्त किया जा चुका था। वहीं आरोपी के लाइसेंस में दर्ज गांव के विवरण को लेकर भी भिन्नता सामने आई है। प्रशासन ने इस मामले में संबंधित विभागों की भूमिका की जांच शुरू कर दी है। लापरवाही बरतने वाले पुलिस, तहसील और अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है।
जिलाधिकारी ने बताया कि कौशाम्बी जिले में कुल 13 पटाखा लाइसेंस हैं और पिछले दो वर्षों के दौरान कोई नया पटाखा लाइसेंस जारी नहीं किया गया है। हादसे के बाद प्रशासन ने जिले में पटाखा निर्माण, भंडारण और लाइसेंस व्यवस्था को लेकर निगरानी और सख्ती बढ़ा दी है। अधिकारियों को नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विस्फोट की घटना में विभागीय लापरवाही सामने आने के बाद अग्निशमन और राजस्व विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की गई है। मुख्य अग्निशमन अधिकारी मंगेश कुमार के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की गई है। इसके अलावा अग्निशमन अधिकारी-द्वितीय अशोक कुमार के खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति करते हुए संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है। पुलिस अधीक्षक, कौशाम्बी की ओर से दोनों अधिकारियों के संबंध में अपनी आख्या अपर पुलिस महानिदेशक, अग्निशमन एवं आपात सेवाएं को भेजी गई है।
राजस्व विभाग में भी बड़ी कार्रवाई की गई है। मामले में लेखपाल रितेंद्र सिंह, मुमताज अहमद, चंद्रकांत, संतोष यादव, रवि सिंह, राजेन्द्र प्रसाद और दीपक सिंह को निलंबित कर दिया गया है। इसके साथ ही कानूनगो देवी प्रसाद के खिलाफ भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।
वहीं, जिलाधिकारी कौशाम्बी ने सहायक चकबंदी अधिकारी संजय कुमार के खिलाफ कार्रवाई के लिए चकबंदी आयुक्त को पत्र भेजा है। प्रशासन का कहना है कि हादसे के लिए जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की भूमिका की जांच की जा रही है और जांच में जिसकी भी लापरवाही सामने आएगी, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
भीषण हादसे के बाद प्रशासन ने पटाखा निर्माण और लाइसेंस व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। अधिकारियों को अवैध रूप से पटाखा निर्माण, भंडारण अथवा बिक्री करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन की कार्रवाई से संबंधित विभागों में भी हड़कंप मचा हुआ है।
हादसे में बड़ी संख्या में लोगों की मौत के बाद पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ ही उनके पुनर्वास की दिशा में भी कदम उठाए जा रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।




