मुंबई के गणपति उत्सव में 850 से अधिक पुलिस मित्र संभालेंगे मोर्चा

मुंबई पुलिस ने गणेशोत्सव के लिए विशेष प्लान बनाया है। गणपति उत्सव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत करने के लिए मुंबई पुलिस इस बार 850 से अधिक ‘पुलिस मित्र’ की मदद लेगी। पुलिस के साथ समन्वय कर काम करने वाले इन स्वयंसेवकों को बेसिक ट्रेनिंग दी जाएगी।

मुंबई ब्यूरो। गणपति उत्सव के दौरान शहर में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन व्यवस्था को मजबूत करने के लिए मुंबई पुलिस इस बार 850 से अधिक ‘पुलिस मित्रों’ की मदद लेगी। पुलिस के साथ समन्वय कर काम करने वाले इन स्वयंसेवकों को बेसिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण के बाद इन्हें बड़े गणपति पंडालों, विसर्जन मार्गों और भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में तैनात किया जाएगा। इनकी प्रमुख जिम्मेदारी भीड़ को व्यवस्थित रखने के साथ कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था संभालने में पुलिस की सहायता करना होगी।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, गणेशोत्सव के दौरान मुंबई के विभिन्न सार्वजनिक स्थलों और गणपति पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने से पुलिसकर्मियों पर अतिरिक्त दबाव रहता है। इस दबाव को कम करने और स्थानीय स्तर पर सुरक्षा व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए पुलिस मित्रों को अलग-अलग क्षेत्रों में जिम्मेदारियां सौंपी जाएंगी।
प्रशिक्षण के दौरान स्वयंसेवकों को भीड़ को नियंत्रित करने, श्रद्धालुओं को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने, रास्तों को बाधित होने से रोकने और किसी भी असामान्य स्थिति की सूचना तत्काल पुलिस तक पहुंचाने की जानकारी दी जाएगी। बड़े गणपति मंडलों के आसपास तैनात पुलिस मित्र श्रद्धालुओं की आवाजाही पर नजर रखेंगे और किसी संदिग्ध गतिविधि, लावारिस वस्तु, विवाद या अचानक बढ़ती भीड़ की स्थिति में स्थानीय पुलिस को तुरंत सूचित करेंगे।
हालांकि, कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में अंतिम कार्रवाई पुलिसकर्मियों द्वारा ही की जाएगी। पुलिस मित्रों की भूमिका मुख्य रूप से पुलिस की सहायता करने, भीड़ को व्यवस्थित रखने और किसी भी संभावित स्थिति की जानकारी समय पर पुलिस तक पहुंचाने तक सीमित रहेगी।
गणपति विसर्जन के दौरान भी पुलिस मित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका रहेगी। विसर्जन मार्गों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने के कारण भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था चुनौतीपूर्ण हो जाती है। ऐसे में पुलिस मित्र पैदल श्रद्धालुओं और वाहनों की आवाजाही को व्यवस्थित रखने में पुलिस एवं यातायात पुलिस की सहायता करेंगे। आपात स्थिति उत्पन्न होने पर वे तत्काल संबंधित पुलिसकर्मियों तक सूचना पहुंचाएंगे।
पुलिस के अनुसार, इस अभियान में विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों की राष्ट्रीय सेवा योजना इकाइयों से जुड़े विद्यार्थी और गैर सरकारी संगठनों के सदस्य शामिल होंगे। स्थानीय स्वयंसेवकों की भागीदारी से पुलिस को भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में बेहतर समन्वय स्थापित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।
संयुक्त पुलिस आयुक्त डॉ. मनोज शर्मा ने कहा कि पुलिस के साथ स्थानीय स्वयंसेवकों की भागीदारी से सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है। गणपति उत्सव के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी को देखते हुए पुलिस मित्रों की भी सहायता ली जाएगी, ताकि उत्सव शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराया जा सके।

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