‘भारत के चिनाब डैम को मिसाइल से उड़ा देंगे मुनीर’, पाकिस्तानी पत्रकार नजम सेठी की गीदड़भभकी
पाकिस्तानी राजनीतिक विश्लेषक नजम सेठी का कहना है कि अगर भारत सिंधु जल संधि को बहाल नहीं करता और पाकिस्तान का पानी रोका जाता है तो चीजें सैन्य टकराव की ओर जा सकती है।

इस्लामाबाद/एजेंसी। सिंधु जल संधि को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच जारी तनाव के बीच पाकिस्तान के वरिष्ठ पत्रकार और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष नजम सेठी ने सैन्य टकराव की आशंका जताई है। एक टेलीविजन कार्यक्रम में उन्होंने दावा किया कि यदि सिंधु जल संधि का निलंबन जारी रहा और भारत ने पाकिस्तान के हिस्से के पानी को प्रभावित करने वाले कदम उठाए तो दोनों देशों के बीच तनाव गंभीर रूप ले सकता है। सेठी ने विशेष रूप से चिनाब नदी पर भारत की बांध और सुरंग परियोजनाओं को लेकर कड़ा बयान दिया।
आयशा नाज के साथ एक टेलीविजन कार्यक्रम में सिंधु जल संधि और भारत की ओर से पाकिस्तान सीमा के निकट नदियों पर चल रही परियोजनाओं के संबंध में पूछे गए सवाल पर नजम सेठी ने कहा कि इस मामले में संयुक्त राष्ट्र या अमेरिका जैसी किसी तीसरी शक्ति का हस्तक्षेप एक विकल्प हो सकता है। उन्होंने दावा किया कि यदि भारत ऐसे किसी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करता है तो पाकिस्तान सैन्य कार्रवाई का विकल्प अपना सकता है।
सेठी ने कथित तौर पर कहा कि पाकिस्तान मिसाइल हमलों के जरिए बांधों को निशाना बना सकता है और मौजूदा सैन्य नेतृत्व में ऐसा कदम संभव है। उनके इस बयान को भारत-पाकिस्तान के बीच जल विवाद के बढ़ते तनाव के संदर्भ में देखा जा रहा है। हालांकि, बांधों या जल परियोजनाओं को निशाना बनाने की ऐसी किसी कार्रवाई की कोई आधिकारिक घोषणा पाकिस्तान की ओर से नहीं हुई है।
इसी कार्यक्रम में सेठी ने भारत के साथ संभावित सैन्य संघर्ष की स्थिति में पाकिस्तान के परमाणु हथियारों के इस्तेमाल को लेकर भी गंभीर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान के अस्तित्व पर संकट पैदा होता है तो पाकिस्तानी सेना परमाणु हथियारों के इस्तेमाल से पीछे नहीं हट सकती। उन्होंने सिंधु नदी प्रणाली को पाकिस्तान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि पानी की आपूर्ति में गंभीर व्यवधान को पाकिस्तान अपने अस्तित्व से जुड़े खतरे के रूप में देख सकता है।
नजम सेठी इससे पहले भी विभिन्न मौकों पर भारत और पाकिस्तान के बीच सैन्य तनाव तथा पाकिस्तान की सैन्य तैयारियों को लेकर टिप्पणी करते रहे हैं। वह हाल के सैन्य घटनाक्रमों के दौरान पाकिस्तानी सेना की भूमिका और उसकी तैयारियों पर भी सवाल उठा चुके हैं। सेठी को पाकिस्तान के सत्तारूढ़ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज से जुड़े प्रभावशाली राजनीतिक हलकों के करीब माना जाता है। वह पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड के अध्यक्ष रहने के अलावा वर्ष 2013 में पंजाब प्रांत के कार्यवाहक मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।
सिंधु जल संधि को लेकर विवाद के बीच हेग स्थित स्थायी मध्यस्थता न्यायालय की कार्यवाही और उसके रुख को लेकर भी भारत और पाकिस्तान के बीच मतभेद सामने आए हैं। पाकिस्तान ने न्यायालय की ओर से संधि को बाध्यकारी बताए जाने संबंधी रुख का स्वागत किया है और इसे अपने पक्ष में महत्वपूर्ण घटनाक्रम बताया है। दूसरी ओर, भारत ने इस प्रक्रिया और उससे जुड़े निर्णय को स्वीकार नहीं किया है।
भारत का रुख रहा है कि सिंधु जल संधि से जुड़े विवाद में पाकिस्तान की ओर से उठाए गए कदमों तथा मध्यस्थता की प्रक्रिया की वैधता को लेकर गंभीर आपत्तियां हैं। ऐसे में नजम सेठी के ताजा बयान ने दोनों देशों के बीच जल विवाद को लेकर चल रही बयानबाजी को और तीखा कर दिया है। विशेषज्ञों की नजर अब इस बात पर है कि आने वाले दिनों में दोनों देशों की सरकारें इस संवेदनशील मुद्दे पर किस तरह की कूटनीतिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया देती हैं।




