ब्रिक्स सम्मेलन की सुरक्षा को लेकर दिल्ली में अंतरराज्यीय समन्वय बैठक, दिल्ली-एनसीआर की सीमाओं पर बढ़ी निगरानी

राजीव कुमार गौड़/दिल्ली स्टेट हेड
दिल्ली ब्यूरो। आगामी 11 से 13 सितंबर तक नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स सम्मेलन को शांतिपूर्ण और घटनारहित ढंग से संपन्न कराने के लिए दिल्ली पुलिस मुख्यालय में अंतरराज्यीय समन्वय बैठक आयोजित की गई। बैठक का उद्देश्य विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर सहयोग और समन्वय स्थापित करने के साथ ही सम्मेलन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े संभावित मुद्दों का समय रहते समाधान करना रहा।
बैठक की अध्यक्षता दिल्ली के पुलिस आयुक्त ने की। इसमें हरियाणा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, राजस्थान और चंडीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसके अलावा दिल्ली पुलिस के विशेष पुलिस आयुक्त कानून-व्यवस्था, विशेष प्रकोष्ठ, यातायात, सुरक्षा, अपराध, परिवहन और खुफिया सहित विभिन्न शाखाओं के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। भारतीय खुफिया ब्यूरो की दिल्ली इकाई के संयुक्त निदेशक, विभिन्न रेंजों, सुरक्षा, यातायात, अपराध, खुफिया और अन्य शाखाओं के संयुक्त व अतिरिक्त पुलिस आयुक्तों तथा जिलों, अपराध शाखा, इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और पुलिस नियंत्रण कक्ष के पुलिस उपायुक्तों ने भी बैठक में भाग लिया।
बैठक के दौरान विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों ने सुरक्षा से संबंधित खुफिया सूचनाओं को साझा किया। इनमें सीमावर्ती क्षेत्रों में जांच, यातायात व्यवस्था, संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान और सत्यापन सहित अन्य महत्वपूर्ण बिंदुओं पर चर्चा हुई। खुले क्षेत्रों से ड्रोन और अन्य उड़ने वाली वस्तुओं की आवाजाही पर निगरानी रखने तथा ऐसी गतिविधियों की तत्काल सूचना साझा करने पर भी विशेष जोर दिया गया।
अधिकारियों ने संदिग्ध व्यक्ति या वाहन की आवाजाही की अग्रिम सूचना संबंधित एजेंसियों तक पहुंचाने को सुरक्षा व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान संभावित यातायात प्रतिबंधों और सीमावर्ती क्षेत्रों से अनधिकृत प्रवेश रोकने के लिए किए जाने वाले उपायों की जानकारी पड़ोसी राज्यों के अधिकारियों के साथ साझा की गई। सभी संबंधित राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों ने इन व्यवस्थाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने में पूर्ण सहयोग और समन्वय का आश्वासन दिया।
दिल्ली के पुलिस आयुक्त ने पूर्व में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से मिले सहयोग एवं समन्वय की सराहना करते हुए ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान भी इसी तरह के सहयोग की अपेक्षा जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सम्मेलन के दौरान आम जनता को कम से कम असुविधा हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।
उन्होंने यातायात प्रतिबंधों और मार्गों में संभावित बदलाव की अधिक से अधिक जानकारी आम लोगों तक पहुंचाने पर जोर दिया। इसके लिए प्रिंट मीडिया, इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सामाजिक माध्यमों और एफएम रेडियो के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने को कहा गया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के पुलिस अधिकारियों से भी अपने-अपने क्षेत्रों में यातायात संबंधी परामर्श जारी करने का अनुरोध किया गया।
बैठक में यह भी तय किया गया कि निर्धारित गंतव्य से संबंधित नहीं होने वाले वाहनों के आवागमन को उचित रूप से नियंत्रित किया जाए। आम जनता के लिए वैकल्पिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखने के साथ ही वहां अनधिकृत वाहन पार्किंग न होने देने पर भी विशेष ध्यान देने को कहा गया।
बैठक में शामिल राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के अधिकारियों से सम्मेलन के दौरान सुरक्षा एवं यातायात संबंधी सभी उपायों के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए दिल्ली पुलिस के साथ लगातार संपर्क बनाए रखने और पूर्ण सहयोग देने का अनुरोध किया गया।





