भारी बारिश से मुंबई बेहाल: रेल यातायात ठप, रिहायशी इलाके में घुसा 6 फीट का मगरमच्छ, कई ट्रेनें रद्द

कांती जाधव/महाराष्ट्र स्टेट हेड

मुंबई/ब्यूरो। आर्थिक राजधानी मुंबई और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश ने जनजीवन को पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। शहर के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बन गई है, जिससे सड़क और रेल यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। वहीं, बारिश के चलते जंगली जीव भी रिहायशी क्षेत्रों की ओर रुख कर रहे हैं। पवई स्थित चांद शाह वली दरगाह के पास खड़ी गाड़ियों के नीचे करीब 6 फीट लंबा मगरमच्छ देखे जाने से इलाके में हड़कंप मच गया।
स्थानीय लोगों की सूचना पर वन विभाग और वन्यजीव संस्थाओं की टीम मौके पर पहुंची और संयुक्त प्रयास से मगरमच्छ का सुरक्षित रेस्क्यू किया। विशेषज्ञों के अनुसार, भारी बारिश के कारण यह मगरमच्छ पास की झील से बहकर बाहर आ गया था। चिकित्सकीय जांच के बाद इसे पुनः उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ा जाएगा। इस घटना में किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
पर्यावरणविदों का कहना है कि झीलों और जलाशयों के आसपास बढ़ते अतिक्रमण और निर्माण कार्यों के चलते वन्यजीवों का प्राकृतिक आवास सिकुड़ता जा रहा है, जिससे वे मजबूरन आबादी वाले इलाकों में प्रवेश कर रहे हैं।
भारी बारिश का सबसे अधिक असर पश्चिम रेलवे पर देखने को मिला है। नवसारी-मारोली सेक्शन में रेलवे ट्रैक पर पानी भर जाने के कारण कई ट्रेनों का संचालन प्रभावित हुआ है। बुधवार 8 जुलाई को चलने वाली कई प्रमुख ट्रेनें रद्द कर दी गई हैं, जिनमें अहमदाबाद-मुंबई सेंट्रल वंदे भारत एक्सप्रेस, तेजस एक्सप्रेस, कर्णावती एक्सप्रेस और एसी डबल डेकर एक्सप्रेस शामिल हैं। इसके अलावा कई ट्रेनों के रूट में भी बदलाव किया गया है।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे यात्रा से पहले हेल्पलाइन नंबर 139 या आधिकारिक ऐप के माध्यम से अपनी ट्रेन की स्थिति की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें। मौसम विभाग (आईएमडी) ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों के लिए भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, इस दौरान 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं भी चल सकती हैं। निचले इलाकों में जलभराव, बाढ़, भूस्खलन और ट्रैफिक जाम की स्थिति बनने की आशंका जताई गई है।
हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि 9 जुलाई से बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आ सकती है और 12 जुलाई से हल्की से मध्यम वर्षा होने की संभावना है।
जहां एक ओर मुंबई और पश्चिमी महाराष्ट्र में भारी वर्षा हो रही है, वहीं धुले, नंदुरबार, सोलापुर और मराठवाड़ा के कई हिस्सों में अब तक सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) और कृषि विभाग ने किसानों को सलाह दी है कि वे मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही खेती की योजना बनाएं और पर्याप्त नमी के बिना बुवाई में जल्दबाजी न करें। लगातार बारिश से महानगर में जनजीवन प्रभावित है और प्रशासन पूरी स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

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