बिना नंबर प्लेट ‘वीआईपी’ गाड़ी पर मेरठ में बवाल, भीम आर्मी नेता को पुलिस ने दी नसीहत
मेरठ में भीम आर्मी जय भीम के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह नौटियाल को बिना नंबर प्लेट वाली वीआईपी गाड़ी लाना महंगा पड़ा। उनकी गाड़ी को यातायात पुलिस ने पकड़ लिया।

मेरठ/उत्तर प्रदेश। दलितों को आरक्षण व अन्य सुविधाएं दिलाने तथा कंकरखेड़ा की दलित युवती की हत्या के मामले में न्याय की मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन करने पहुंचे भीम आर्मी जय भीम संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष को बिना नंबर प्लेट और ‘वीआईपी’ लिखी गाड़ी में आना महंगा पड़ गया। यातायात पुलिस ने उनकी गाड़ी को पकड़ लिया, जिसके बाद मौके पर पहुंचीं सीओ सिविल लाइन सुचिता सिंह ने उन्हें नियमों का पालन करने की कड़ी नसीहत दी।
मंगलवार को राष्ट्रीय अध्यक्ष मनजीत सिंह नौटियाल के नेतृत्व में संगठन के पदाधिकारी और कार्यकर्ता कमिश्नरी पार्क में एकत्रित हुए, जहां उन्होंने धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद जुलूस के रूप में कलक्ट्रेट की ओर बढ़े, लेकिन पुलिस ने उन्हें गेट पर ही रोक लिया और वहीं मजिस्ट्रेट को ज्ञापन सौंपा गया।
इसी दौरान कमिश्नरी पार्क के पास खड़ी राष्ट्रीय अध्यक्ष की नई इनोवा कार पर नंबर प्लेट नहीं लगी थी और उस पर ‘वीआईपी’ लिखा हुआ था। यातायात पुलिस ने नियमों के उल्लंघन पर गाड़ी को पकड़ लिया और उसे सीज कर पुलिस लाइन भेजने की तैयारी शुरू कर दी। सूचना मिलते ही कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए, जिसके बाद स्थिति को संभालने के लिए सीओ सिविल लाइन सुचिता सिंह भी वहां पहुंचीं। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष से पूछा कि बिना नंबर प्लेट के वाहन का उपयोग कैसे किया जा रहा है और स्पष्ट किया कि वाहन पर स्थायी या अस्थायी नंबर प्रदर्शित करना अनिवार्य है।
इस पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बताया कि उन्होंने स्थायी नंबर ले लिया है, लेकिन उसे अभी वाहन पर अंकित नहीं कराया है। इस पर सीओ ने उन्हें सख्त चेतावनी देते हुए नियमों का पालन करने की हिदायत दी और बाद में उन्हें वाहन सहित वहां से जाने की अनुमति दे दी।
घटना को लेकर मौजूद लोगों ने टिप्पणी की कि जो नेता पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाने आए थे, उन्हें खुद ही नियमों का पालन करने की सीख लेकर लौटना पड़ा। प्रदर्शन में मंडल अध्यक्ष जय राम, जिला अध्यक्ष अंकुर जाटव सहित संगठन के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।





