कानपुर में सांपों के साथ क्रूरता करने वाली नाटक मंडली पकड़ी गई, सात सांप बरामद

वन्यजीव रक्षक साहिल शर्मा ने पंजाब से आकर कानपुर में सांपों के साथ क्रूरता करने वाली नाटक मंडली को पकड़वाया, जिससे सात सांप बरामद हुए।

कानपुर/उत्तर प्रदेश। शहर में सांपों के साथ क्रूरता कर उनका अवैध प्रदर्शन करने वाली एक नाटक मंडली को वन विभाग ने पकड़ लिया है। इस कार्रवाई में सात सांप बरामद किए गए हैं। वन विभाग ने आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है। जानकारी के अनुसार, वन्यजीव रक्षक एवं पर्यावरणविद साहिल शर्मा ने इंटरनेट मीडिया पर वायरल वीडियो के जरिए इस मामले का खुलासा किया। वीडियो में नाटक मंडली को धार्मिक आयोजनों और झांकियों के दौरान सांपों के साथ खिलवाड़ करते और उनके साथ क्रूरता करते देखा गया था। जांच में पता चला कि यह वीडियो कानपुर के हैं।
सूचना मिलने पर साहिल शर्मा ने अपने संपर्क सूत्रों के माध्यम से जानकारी जुटाई, जिसमें गंगा बैराज स्थित एक मंदिर में कार्यक्रम के दौरान मंडली के शामिल होने की पुष्टि हुई। इसके बाद उन्होंने वन्यजीव अपराध नियंत्रण ब्यूरो और स्थानीय वन विभाग को सूचना दी और अपनी टीम के साथ कानपुर पहुंचे।
वन विभाग की टीम के साथ मौके पर पहुंचकर मंडली के सदस्यों—अंकित यादव, गुलाब सिंह, ऋषभ कुमार, रोहित, अनिकेत, सूरज और किन्नर ईशू—को पकड़ लिया गया। उनके कब्जे से सांप बरामद किए गए, जिन्हें अवैध रूप से रखकर प्रदर्शन किया जा रहा था।
वन विभाग ने आरोपितों के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम 1972 की धारा 9, 30, 40, 48(ए), 51 और 57 के तहत मुकदमा दर्ज किया है। प्रभागीय वन अधिकारी आकांक्षा जैन ने बताया कि यह कृत्य वन्यजीवों के प्रति गंभीर क्रूरता की श्रेणी में आता है। उप प्रभागीय वन अधिकारी ए.के. जैन के अनुसार, मंडली का मुखिया पिछले दो वर्षों से इस तरह के प्रदर्शन कर रहा था और इसके वीडियो सोशल मीडिया पर भी साझा करता था।
बरामद सांपों में रेड सैंड बोआ प्रजाति के तीन, रॉक पाइथन के दो, एक कोबरा और एक रैट स्नेक शामिल हैं। सभी सांपों को वन विभाग ने अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया है। गौरतलब है कि साहिल शर्मा इससे पहले भी शहर में वन्यजीवों के अवैध रख-रखाव के खिलाफ कार्रवाई करवा चुके हैं। उन्होंने घंटाघर स्थित एक होटल से प्रतिबंधित प्रजाति के दो कछुए बरामद कराए थे। इस मामले में भी होटल संचालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। साहिल शर्मा के अनुसार, अब तक वे वन्यजीवों के खिलाफ अत्याचार और अवैध पालन से जुड़े मामलों में 10 एफआईआर दर्ज करा चुके हैं। उन्होंने उत्तर प्रदेश के अलावा दिल्ली, पंजाब और हिमाचल प्रदेश में भी इस तरह की कार्रवाई करवाई है।

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