‘योगी जी, हमें माफ कर दो अब कोई गुनाह नहीं करेंगे’, गाजियाबाद में 150 अपराधियों ने ली अपराध छोड़ने की शपथ
गाजियाबाद के साहिबाबाद थाने में पुलिस ने विशेष सत्यापन अभियान चलाकर करीब 150 अपराधियों की गतिविधियों और रिकॉर्ड की जांच की।

गाजियाबाद। उत्तर प्रदेश में गाजियाबाद के साहिबाबाद थाने में मंगलवार को एक अलग ही नजारा देखने को मिला। एक तरफ पुलिस की सख्ती थी तो दूसरी ओर करीब डेढ़ सौ अपराधियों की लंबी कतार। कमिश्नरेट गाजियाबाद पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष सत्यापन अभियान के दौरान अपराधियों की गतिविधियों और उनके नेटवर्क की गहन जांच की गई। पुलिस के तीखे सवालों और सख्त चेतावनी का असर ऐसा दिखा कि कई अपराधियों ने हाथ जोड़कर अपराध की दुनिया छोड़ने की बात कही।
सत्यापन अभियान के दौरान मौजूद अपराधियों ने कहा, “योगी जी, हमें माफ कर दो। अब अपराध से तौबा करते हैं, भविष्य में किसी भी तरह का गुनाह नहीं करेंगे।” डीसीपी सिटी/ट्रांस हिंडन धवल जायसवाल ने बताया कि कमिश्नरेट गाजियाबाद में अपराधियों के सत्यापन का अभियान लगातार चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को साहिबाबाद क्षेत्र के विभिन्न श्रेणी के अपराधियों को थाने बुलाकर उनका स्वतः सत्यापन कराया गया।
इस दौरान पुलिस ने अपराधियों से उनके आने-जाने के स्थान, संपर्कों, आर्थिक गतिविधियों, बैंक खातों और परिचितों के बारे में विस्तृत जानकारी जुटाई। साथ ही उनके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी समीक्षा की गई। डीसीपी ने बताया कि सभी अपराधियों को स्पष्ट रूप से चेतावनी दी गई है कि यदि भविष्य में वे किसी भी आपराधिक गतिविधि में शामिल पाए गए या किसी अपराधी की मदद करते मिले तो उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि अपराधियों की हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है और किसी को भी कानून व्यवस्था बिगाड़ने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
धवल जायसवाल के अनुसार इस तरह का सत्यापन अभियान पहले भी चलता रहा है, लेकिन हाल ही में खोड़ा क्षेत्र में हुई एक संवेदनशील घटना के बाद पूरे गाजियाबाद में इस अभियान को और अधिक तेज कर दिया गया है। पुलिस का उद्देश्य है कि कोई भी हिस्ट्रीशीटर, अपराधी या संदिग्ध व्यक्ति पुलिस की निगरानी से बाहर न रहे और अपराध पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
साहिबाबाद थाने में आयोजित अभियान के दौरान पुलिस अधिकारियों ने प्रत्येक अपराधी का रिकॉर्ड अपडेट किया। उनके वर्तमान पते, गतिविधियों और सामाजिक संपर्कों की जानकारी एकत्र की गई। साथ ही उन्हें कानून का पालन करने और अपराध से दूर रहने की हिदायत दी गई।




