अमरनाथ यात्रा के लिए अब तक का सबसे बड़ा सुरक्षा चक्र, गृह मंत्रालय ने सीएपीएफ की 670 कंपनियों की तैनाती को दी मंजूरी
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने वार्षिक अमरनाथ यात्रा 2024 के लिए 670 केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल कंपनियों की अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा तैनाती को मंजूरी दी है।

श्रीनगर/एजेंसी। वार्षिक श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए अब तक की सबसे बड़ी सुरक्षा तैनातियों में से एक के तहत, केंद्रीय गृह मंत्रालयने जम्मू-कश्मीर प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ परामर्श के बाद आगामी 57 दिवसीय यात्रा के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की 670 कंपनियों की तैनाती को मंजूरी दे दी है। यह यात्रा 3 जुलाई से शुरू होकर 28 अगस्त को समाप्त होगी।
उपलब्ध जानकारी के अनुसार, यह वार्षिक तीर्थयात्रा के लिए अर्धसैनिक बलों की अब तक की सबसे बड़ी तैनाती होगी, जिसका उद्देश्य दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित पवित्र गुफा मंदिर के दर्शन के लिए आने वाले लाखों श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
अधिकारियों ने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था जम्मू-कश्मीर के प्रवेश द्वार लखनपुर से लेकर पवित्र गुफा मंदिर तक फैली होगी। इसमें बालटाल और पहलगाम के दोनों यात्रा मार्ग, यात्री निवास भगवती नगर जम्मू, बालटाल और नुनवन के बेस कैंप, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और श्रद्धालुओं द्वारा अक्सर उपयोग किए जाने वाले अन्य संवेदनशील स्थान शामिल होंगे।
सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय अर्धसैनिक बल कंपनियाँ जून की शुरुआत से जम्मू-कश्मीर पहुँचना शुरू कर देंगी, जबकि पूरी तैनाती 25 जून तक पूरी होने की उम्मीद है, जो यात्रा शुरू होने से लगभग एक सप्ताह पहले होगा
इस बीच, 15 अप्रैल से शुरू हुई पंजीकरण प्रक्रिया के बाद से अब तक 3.5 लाख से अधिक श्रद्धालु इस वर्ष की श्री अमरनाथ जी यात्रा के लिए पंजीकरण करा चुके हैं। देशभर में जम्मू-कश्मीर बैंक, पंजाब नेशनल बैंक, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यस बैंक की निर्धारित शाखाओं के माध्यम से पंजीकरण किया जा रहा है। वार्षिक यात्रा 3 जुलाई को बालटाल-सोनमर्ग मार्ग और पारंपरिक नुनवान-पहलगाम मार्ग से एक साथ शुरू होगी और 28 अगस्त को श्रावण पूर्णिमा एवं रक्षाबंधन के अवसर पर संपन्न होगी।




