गाजियाबाद के वैशाली शिव मंदिर सोसायटी विवाद : डिप्टी रजिस्ट्रार का हस्तक्षेप, जांच के आदेश; अनियमितताओं के आरोपों से मचा हड़कंप

गाजियाबाद। वैशाली सेक्टर-3 स्थित प्राचीन शिव मंदिर से जुड़ी सोसायटी में कथित अनियमितताओं और आंतरिक विवाद का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। डिप्टी रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एवं चिट्स, गाजियाबाद द्वारा जारी आदेश के बाद पूरे प्रकरण में प्रशासनिक जांच के निर्देश दिए गए हैं, जिससे सोसायटी प्रबंधन में हलचल मच गई है।
मामले की शुरुआत उस समय हुई जब सोसायटी के कुछ सदस्यों द्वारा शिकायत दर्ज कराई गई कि संस्था का संचालन नियमों के विरुद्ध किया जा रहा है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि सोसायटी में वर्षों से चुनाव नहीं कराए गए, जबकि नियमानुसार हर पांच वर्ष में चुनाव होना अनिवार्य है। साथ ही संस्था के खातों में पारदर्शिता न होने और मंदिर के कोष के दुरुपयोग जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए।
शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि वर्तमान पदाधिकारियों द्वारा मनमाने ढंग से समिति का संचालन किया जा रहा है और विरोध करने वाले सदस्यों को बाहर किया जा रहा है। वहीं एक अन्य पक्ष ने इन आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि मंदिर का संचालन पंजीकृत बायलॉज के अनुसार ही किया जा रहा है और किसी भी नियम का उल्लंघन नहीं हुआ है।
प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए डिप्टी रजिस्ट्रार कार्यालय ने दोनों पक्षों से स्पष्टीकरण मांगा और दस्तावेजों की जांच शुरू की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि सोसायटी के नवीनीकरण और सदस्यता से जुड़े मामलों में प्रक्रिया का पालन सही तरीके से नहीं किया गया है।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि सोसायटी रजिस्ट्रेशन एक्ट 1860 की धारा-24 के तहत मामले की विस्तृत जांच कराई जाएगी। इसके लिए संबंधित पक्षों को निर्धारित तिथि पर सभी आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि अनुपस्थिति की स्थिति में एकपक्षीय कार्रवाई की जाएगी। इस पूरे घटनाक्रम से क्षेत्र में चर्चा का माहौल है। मंदिर जैसी आस्था से जुड़ी संस्था में प्रशासनिक हस्तक्षेप और अनियमितताओं के आरोपों ने स्थानीय लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। अब सभी की नजरें आगामी जांच और प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं, जिससे मामले की सच्चाई सामने आ सके।







