कॉकरोच जनता पार्टी को चुनौती देने आई ऑगी जनता पार्टी; दोनों के दावे तेजी से हो रहे वायरल
कॉकरोच जनता पार्टी को चुनौती देने के लिए ऑगी जनता पार्टी आई है। अस्तित्व में आने के कुछ ही समय के भीतर सीजेपी और ओजेपी के बीच छिड़ी वर्चुअल सियासी जंग खासी रोचक हो गई है। ओजेपी ने सीजेपी के अभियान और राजनीतिक संपर्कों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इसके सियासी इरादे पूरी तरह निष्पक्ष नहीं हैं।

नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर व्यंग्यात्मक अभियान के तहत बनाई गई कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) को सीधी चुनौती देने आई है ऑगी जनता पार्टी (ओजेपी)। इस नई वर्चुअल पार्टी का उद्देश्य सीजेपी को सीधे चुनौती देना है। अस्तित्व में आने के कुछ ही समय के भीतर सीजेपी और ओजेपी के बीच छिड़ी वर्चुअल सियासी जंग खासी रोचक हो गई है। कार्टून कैरेक्टर ऑगी को अपना चेहरा बनाने वाली ओजेपी ने सीजेपी के अभियान और राजनीतिक संपर्कों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि इसके सियासी इरादे पूरी तरह निष्पक्ष नहीं हैं।
ऑगी जनता पार्टी ने 2024 के एक संदेश को साझा करते हुए सीजेपी संस्थापक अभिजीत दीपके के आम आदमी पार्टी के रिश्तों पर सवाल उठाए हैं। इसमें दीपके ने बोस्टन रवाना होने से पहले दिल्ली के पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को धन्यवाद दिया था। ओजेपी ने अपने इरादे स्पष्ट करते हुए यह भी लिखा है कि अमेरिका स्थित सीजेपी की तरह उसका कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है। वह बस कड़वी सच्चाइयों को सामने लाना चाहती है और हर तरह के सवाल उठाना चाहिए जिससे लोगों का फायदा हो। इन दोनों वर्चुअल पार्टियों की लड़ाई में आम लोग भी जमकर कमेंट कर रहे हैं।
ओजेपी ने छात्रों के लिए न्याय की मांग करते हुए एक सोशल मीडिया अभियान के माध्यम से नीट पेपर लीक विवाद को उठाया। ऑनलाइन साझा किए गए एक पोस्टर में ओजेपी के शुभंकर के साथ छात्रों को न्याय मिलना चाहिए का नारा लिखा गया है।
ऑगी जनता पार्टी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट में बताया है कि उसका इरादा सभी कॉकरोच को मारना है। इसमें लिखा है, कोई भी कॉकरोच हो, किसी भी आकार का हो या किसी भी प्रजाति का हो, मारा जाएगा। गौरतलब है कि सीजेपी ने अपने अकाउंट में कॉकरोच नेवर डाई यानी कॉकरोच कभी नहीं मरते को अपनी टैग लाइन बनाया है।
ओजेपी ने ताजा पोस्ट में छह सूत्रीय पशु अधिकार घोषणापत्र जारी किया है, जिसमें पूरे भारत में लावारिस पशुओं की बेहतर देखभाल का वादा किया गया है। इसमें कार्टून चरित्र ऑगी को सफेद कुर्ता-पायजामा पहने जानवरों से घिरा दिखाया गया है, जो अभियान के व्यंग्यात्मक राजनीतिक स्वरूप को और भी प्रभावशाली बनाता है।
एक व्यंग्यात्मक पोस्ट में ओजीपी ने लिखा, देश गाय को अपनी मां कहता है, वही दुनिया का सबसे बड़ा गोमांस निर्यातक भी है। एक कुत्ते को पीटा गया, एक गाय को चाकू मारा गया, एक बिल्ली को जिंदा जला दिया गया…और सजा? सिर्फ 50 रुपये का जुर्माना। भारत को पशु क्रूरता-विरोधी सख्त कानूनों की आवश्यकता है।
कॉकरोच जनता पार्टी के फाउंडर अभिजीत दीपके शुक्रवार को सोशल मीडिया पेज बनाने के सात दिन बाद पहली ऑनलाइन पिटीशन लेकर लाए। इसमें नीट पेपर लीक मामले में शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग की है। इसमें कहा गया है कि इस पर ज्यादा से ज्यादा लोग हस्ताक्षर करें ताकि सिस्टम की गलती पर सवाल उठ सके।
अभिजीत दीपके ने देश के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की टिप्पणी के विरोध में कॉकरोच जनता पार्टी बनाई थी जिसमें उन्होंने कुछ बेरोजगारों को कॉकरोच की तरह बताया। अब जब अभिजीत की पार्टी अचानक लोकप्रिय हो गई है, उनके माता-पिता बहुत ज्यादा परेशान हो गए हैं। उन्हें इस बात का डर सता रहा है कि उनका बेटा किसी मुसीबत में पड़ सकता है। उसे गिरफ्तार भी किया जा सकता है। अभिजीत के माता-पिता भगवान और अनीता दीपके महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर में रहते हैं। उन्होंने कहा, हम अपने बेटे को राजनीति में नहीं भेजना चाहते थे। अभिजीत के इस कदम के बारे में सुनकर हमारी रातों की नींद उड़ गई है।




