बद्रीनाथ से लौट रहा हेलीकॉप्टर हाईटेंशन लाइन से टकराया, सवार थे 6 तीर्थयात्री

बुधवार सुबह बदरीनाथ से देहरादून के लिए लौट रहा हेलीकॉप्टर टिहरी के पास बड़े हादसे का शिकार होते बच गया। हेलीकॉप्टर हाईटेंशन लाइन से टकरा गया। हेलीकॉप्टर में 6 तीर्थयात्री सवार थे।

देहरादून/एजेंसी। नई टिहरी में बुधवार सुबह एक बड़ा हवाई हादसा होते-होते टल गया। चम्बा-आराकोट मार्ग पर सत्यों-सकलाना क्षेत्र के नवागांव में एक हेलीकॉप्टर को तकनीकी खराबी के बाद खेतों में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। राहत की बात यह रही कि हेलीकॉप्टर में सवार पायलट समेत सभी 6 लोग पूरी तरह सुरक्षित हैं। बताया जा रहा है कि हेलीकॉप्टर यात्रियों को बदरीनाथ से देहरादून के लिए लौट रहा था। जानकारी के अनुसार, ट्रांस भारत एविएशन कंपनी का हेलीकॉप्टर बदरीनाथ धाम से देहरादून की ओर जा रहा था। उड़ान के दौरान चम्बा-आराकोट क्षेत्र के ऊपर अचानक हेलीकॉप्टर हाईटेंशन विद्युत लाइन की चपेट में आ गया, जिससे उसके पिछले हिस्से को नुकसान पहुंचा। स्थिति गंभीर होते देख पायलट ने सूझबूझ दिखाते हुए हेलीकॉप्टर की नवागांव के खेतों में सुरक्षित इमरजेंसी लैंडिंग करा दी।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, प्रशासन और संबंधित विभागों की टीमें मौके पर पहुंच गईं। पूरे इलाके को सुरक्षा घेरे में लेकर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। अधिकारियों ने बताया कि प्राथमिक जांच में सभी यात्री सुरक्षित पाए गए हैं और किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। हेलीकॉप्टर के खेत में उतरने की खबर फैलते ही आसपास के ग्रामीण भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। प्रशासन ने लोगों को हेलीकॉप्टर से दूर रहने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। फिलहाल घटना के कारणों की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है। एविएशन और तकनीकी एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर हेलीकॉप्टर हाईटेंशन लाइन के इतने करीब कैसे पहुंचा और तकनीकी नुकसान कितना गंभीर है।
चारधाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब रजिस्ट्रेशन कराना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। पर्यटन विभाग ने यात्रियों की सुविधा के लिए वाट्सएप आधारित सेवा शुरू की है, जिसके जरिए लोग घर बैठे मोबाइल फोन से यात्रा पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए विभाग ने 83948 33833 नंबर जारी किया है। यात्री को सिर्फ वाट्सएप पर “Yatra” लिखकर मैसेज भेजना होगा, जिसके बाद पूरी प्रक्रिया और जरूरी गाइडलाइन अपने आप मिल जाएगी। इसी प्लेटफॉर्म के जरिए दस्तावेज अपलोड कर यात्रा पास भी हासिल किया जा सकता है।
यह सेवा सिर्फ रजिस्ट्रेशन तक सीमित नहीं है। श्रद्धालुओं को यात्रा मार्ग की स्थिति, मौसम का लाइव अपडेट और रास्तों के बंद या खुलने की जानकारी भी इसी नंबर पर मिल रही है। इसके अलावा हेली सेवा, होटल और होमस्टे बुकिंग जैसी सुविधाएं भी एक ही प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराई गई हैं। पर्यटन विभाग का कहना है कि यह सिंगल विंडो सिस्टम चारधाम यात्रियों के लिए काफी मददगार साबित हो रहा है।
केदारनाथ में 1 माह के भीतर 61 तीर्थयात्रियों की मौत
वहीं, दूसरी तरफ केदारनाथ यात्रा में स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां चिंता का कारण बनी हुई हैं। यात्रा शुरू होने के करीब एक महीने के भीतर 61 तीर्थ यात्रियों की मौत हो चुकी है, जिनमें अकेले 33 मौतें केदारनाथ धाम में हुईं। विशेषज्ञों के मुताबिक केदारनाथ 11 हजार फीट से ज्यादा ऊंचाई पर स्थित है, जहां ऑक्सीजन की कमी, हाई ब्लड प्रेशर और हाई एल्टीट्यूड सिकनेस जैसी समस्याएं यात्रियों के लिए खतरा बन रही हैं, खासकर मैदानी इलाकों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए।

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