पीएम मोदी से प्रेरित होकर फॉस्ट फूड का स्टॉल किया शुरू , बुलडोजर उठा ले गया स्टॉल

बरेली में ‘अनन्या किचन’ नाम का एक फास्ट फूड स्टॉल, जो सिविल लाइंस में चल रहा था, उसे नगर निगम ने अतिक्रमण बताकर बुलडोजर से हटा दिया। यह स्टॉल अनन्या पांडे चलाती थीं।
बरेली/उत्तर प्रदेश। बरेली के सिविल लाइंस इलाके में एक युवा महिला उद्यमी का सपना उस समय चकनाचूर हो गया, जब नगर निगम की अतिक्रमण हटाओ टीम ने उसके फास्ट फूड स्टॉल अनन्या किचन को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। 24 वर्षीय अनन्या पांडे, जिन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से प्रेरणा लेकर अपना छोटा स्टार्टअप शुरू किया था, अब प्रशासनिक कार्रवाई के बाद खुद को असहाय महसूस कर रही हैं। पीलीभीत जिले के बीसलपुर तहसील की रहने वाली अनन्या अपने परिवार की सबसे बड़ी संतान हैं। उनके पिता पैरालिसिस से पीड़ित हैं और नौकरी करने में असमर्थ हैं। परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उनके कंधों पर है। बीबीए और डीएलएड की पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने कई निजी संस्थानों में काम किया, लेकिन एक सड़क हादसे ने उनकी जिंदगी को झटका दे दिया। करीब एक साल के बेड रेस्ट के बाद उन्होंने हार नहीं मानी और छह महीने पहले अनन्या किचन के नाम से स्टॉल शुरू किया।
9 अप्रैल को बरेली नगर निगम ने तोड़ा स्टॉल
बटलर प्लाजा के सामने चौकी चौराहे पर लगा उनका स्टॉल स्वाद के कारण जल्दी ही लोकप्रिय हो गया। इससे होने वाली आय से वह अपने परिवार, छोटे भाई-बहनों की पढ़ाई और बीमार पिता का इलाज करा रही थीं, लेकिन 9 अप्रैल को नगर निगम की टीम बुलडोजर के साथ मौके पर पहुंची और उनके स्टॉल को तोड़ दिया।
अनन्या का आरोप है कि कार्रवाई उनकी गैरमौजूदगी में की गई और सिर्फ उनके स्टॉल को निशाना बनाया गया, जबकि आसपास मौजूद अन्य 10-12 स्टॉल को नहीं हटाया गया। उनका कहना है कि उन्होंने चालान भरने की पेशकश भी की, लेकिन अधिकारियों ने इसे ठुकरा दिया और कथित तौर पर अधिक जुर्माने की धमकी दी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान उनके साथ बदसलूकी की गई और कोई पूर्व सूचना या नोटिस नहीं भेजा गया। अनन्या के मुताबिक, उनके पास ऐसे वीडियो साक्ष्य हैं, जिनमें उनका स्टॉल हटाए जाने के बाद भी बाकी स्टॉल मौके पर लगे दिखाई दे रहे हैं।
‘बरेली मेयर उमेश गौतम ने मदद का आश्वासन दिया’
घटना के बाद अनन्या ने मेयर डॉ. उमेश गौतम से मुलाकात कर न्याय की गुहार लगाई। मेयर ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनके नुकसान की भरपाई की जाएगी और पहले से बेहतर स्टॉल बनवाकर दिया जाएगा। साथ ही उन्होंने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का भरोसा भी दिया है। अनन्या का कहना है कि सरकार एक ओर युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित कर रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर उन्हें काम करने के लिए सुरक्षित स्थान नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि सड़क चौड़ीकरण या अतिक्रमण हटाना जरूरी है, तो स्ट्रीट फूड वेंडर्स के लिए अलग से व्यवस्थित मार्केट बनाया जाना चाहिए।





