दिल्ली ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझी, महज सोने की अंगूठियों और पैसों के लालच में किया दोस्त का मर्डर

लिव-इन पार्टनर सहित चार गिरफ्तार

पश्चिमी दिल्ली। द्वारका में दोस्ती के भरोसे का दावा करने वाले शख्स ने सोने की अंगूठियों, ब्रेसलेट और पैसों के लालच में अपनी लिव इन पार्टनर और साथियों के साथ मिलकर दोस्त की ही हत्या कर दी। जिला एंटी-नारकोटिक्स सेल ने एक गुमशुदगी की शिकायत पर काम करते हुए इस ब्लाइंड मर्डर की गुत्थी सुलझा ली है। इस मामले में पुलिस ने भोगा राम कॉलोनी, हांसी-हिसार निवासी हैप्पी उर्फ सूरज (29), गांव बजितपुर साबोली, सोनीपत निवासी भूपेंद्र (27), गांव बरहाना, झज्जर निवासी बलराम (28) और कपावर, देवरिया (उत्तर प्रदेश) निवासी राखी (21) को गिरफ्तार किया है। एक अन्य आरोपित नीरज अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। मृतक की पहचान राधिका अपार्टमेंट, सेक्टर-14 द्वारका निवासी 48 वर्षीय अनुरूप गुप्ता के रूप में हुई है, जो छत्तीसगढ़ सदन, सेक्टर-13 द्वारका में कैंटीन चलाते थे। पुलिस अधिकारी ने बताया कि 23 फरवरी को अनुरूप के भाई ने द्वारका नार्थ थाना में उनके लापता होने और उनकी किया सेल्टोस कार के गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी। परिवार ने पुलिस को बताया था कि अनुरूप का किसी से कोई पुराना विवाद नहीं था। उनके स्वेच्छा से गायब होने की कोई वजह नजर नहीं आती थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच का जिम्मा एंटी-नारकोटिक्स सेल को सौंपा गया। इंस्पेक्टर सुभाष चंद के नेतृत्व में गठित विशेष टीम, जिसमें एसआई सुनील, दिनेश और हवलदार राजुरा और अजय शामिल थे, ने तकनीकी और मैनुअल जांच शुरू की।
पुलिस टीम ने दिल्ली, नोएडा और उत्तर प्रदेश के टोल प्लाजा के सीसीटीवी फुटेज लगातार तीन दिनों तक खंगाले। जांच में सामने आया कि अनुरूप की कार 19-20 फरवरी की रात यमुना एक्सप्रेसवे पर वृंदावन की ओर गई और कुछ ही घंटों में वापस नोएडा लौट आई। सीसीटीवी जांच से यह भी पता चला कि 18 फरवरी को अनुरूप ने रैपिडो बाइक बुक की थी।
सीडीआर विश्लेषण के आधार पर रैपिडो राइडर को ट्रेस किया गया, जिसने पुलिस को बताया कि उसने अनुरूप को मटियाला एक्सटेंशन, ब्लाक-बी स्थित एक फ्लैट पर छोड़ा था। वहां के सीसीटीवी फुटेज में अनुरूप को अंदर जाते देखा गया, लेकिन वह बाहर नहीं निकला। इसके बाद फुटेज चार अन्य लोग उसी मकान में प्रवेश करते दिखाई दिए। इसके बाद पुलिस उस घर में रहने वाले हैप्पी, जोकि रैपिडो में गाड़ी चलाता था को हिरासत में ले पुलिस ने पूछताछ की, तो पता चला कि हैप्पी करीब एक साल पहले अनुरूप के संपर्क में आया था। उसने पाया कि अनुरूप को सोने की अंगूठियां और ब्रेसलेट पहनने का शौक है और वह परिवार से अलग रहता है।
सोने की लालच में उसने उसने अनुरूप से दोस्ती बढ़ाई और आए दिन अपने यहां पार्टी पर बुलाने लगा। इसी दौरान उसने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात की साजिश रची। 18 फरवरी को हैप्पी ने अनुरूप को पार्टी के बहाने अपने किराए के फ्लैट पर बुलाया, जहां पहले से मौजूद भूपेंद्र, बलराम और नीरज मौजूद थे। उन्होंने पाया कि जब अनुरूप पहुंचा तो उसने गहने नहीं पहन रखे थे।
इसके बाद उन्हेंने उसे पकड़ लिया और गहने कहां रखे हैं जानने के लिए बांधकर उसकी पिटाई की। पता चला कि गहने अनुरूप में कार में ही छोड़ दिए थे। इसके बाद वे लोग उसकी कार की चाबियां लेकर छत्तीसगढ़ सदन गए और गहने निकाल लिए। इसके बाद भी वे रुके नहीं और अनुरूप से रुपयों की मांग की, पिटाई के बाद भी नहीं मानने पर आरोपितों ने चाकू मारकर उसकी हत्या कर दी। जांच के पता चला कि उसपर चाकू के कई वार किए गए थे।
हत्या के बाद साक्ष्य मिटाने के लिए हैप्पी ने बाजार से एक बड़ा चाकू खरीदा। अनुरूप के शव को कई टुकड़ों में काटकर तीन प्लास्टिक बैगों में भर दिया और अनुरूप की ही कार से वृंदावन ले जाकर यमुना नदी में फेंक दिया गया। पुलिस को गुमराह करने के लिए अनुरूप का मोबाइल फोन बंद नहीं किया गया। उसके फोन से कैंटीन स्टाफ को संदेश भेजा गया कि कैंटीन बंद कर दो और परिवार को मैसेज किया गया कि वह गोवा छुट्टियां मनाने जा रहा है, परेशान न करें। रास्ते में उसके मोबाइल फेंक दिया और कार को राजौरी गार्डन के आरक्यू मोनार्ड माल के पास लाकर छोड़ दिया। दिल्ली पुलिस ने उत्तर प्रदेश पुलिस के सहयोग से मथुरा जिले के थाना जमुना पार क्षेत्र में यमुना नदी से शव के तीनों प्लास्टिक बैग बरामद कर लिए हैं। इस संबंध में पुलिस ने अब बिंदापुर थाने में इस मामले में गुमशुदगी की एफआईआर में हत्या और लूटपाट की धाराएं जोड़ दी है। गिरफ्तार सभी आरोपितों के खिलाफ पहले कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं पाया गया है। पुलिस फरार आरोपित नीरज की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है।

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