कबाड़ में निकला लाखों रुपये का सोना, अशरफ ने पेश की ईमानदारी की मिसाल
3 हजार का इनाम भी लौटाकर जीता दिल

बाहरी दिल्ली। फरीदाबाद में कबाड़ी अख्तर खान की इमानदारी की चर्चा अभी ठंडी भी नहीं पड़ी थी कि अब दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-16 से भी एक ऐसी ही मिसाल सामने आई है, जिसने लोगों का भरोसा और मजबूत कर दिया है। दिल्ली के रोहिणी सेक्टर-26 में रहने वाली एक महिला ने रविवार को कबाड़ में अलमारी बेची थी, जिसके लॉकर में रखे करीब 10 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण निकालना भूल गई थी। कबाड़ी ने उन्हें असली मालिक को लौटाकर इमानदारी का परिचय दिया। सेक्टर-26 की निवासी चांदनी कुमारी ने रविवार को घर का पुराना सामान कबाड़ में बेचते हुए एक लोहे की अलमारी भी रोहिणी सेक्टर-16 में रहने वाले अशरफ से बेची थी। सोमवार को जब कबाड़ी अशरफ ने अलमारी का लॉकर तोड़ा तो उसमें रखे एक स्टील के डिब्बे में सोने व चांदी के कीमती आभूषण मिले।
डिब्बे के अंदर सोने के तीन झुमके, तीन अंगूठियां, एक टीका, तीन नथ, एक मंगलसूत्र, तीन टॉप्स के अलावा करीब 20 तोले चांदी के आभूषण एक स्टिल के बर्तन में रखे थे। अचानक इतने कीमती गहने मिलने के बाद अशरफ ने लालच में पड़ने के बजाय इमानदारी का रास्ता चुना। उन्होंने अपने सहयोगियों नौशाद और सरताज के साथ मिलकर तुरंत उस परिवार से संपर्क साधा, जिसने अलमारी बेची थी। जब पीड़ित परिवार को इस बात की जानकारी मिली तो उनके होश उड़ गए। परिवार ने बताया कि जल्दबाजी में अलमारी बेचते समय उन्हें यह ध्यान नहीं रहा कि लॉकर में गहने रखे हैं। सभी आभूषण सुरक्षित वापस मिलने पर परिवार की आंखें नम हो गईं। पति सुनील और पत्नी चांदनी ने कबाड़ी अशरफ और उनके सहयोगियों का दिल से आभार व्यक्त किया।
सुनील ने बताया कि आज भी इमांदारी लोगों में है। जिसका जीता-जागता उदाहरण कबाड़ी अशरफ व उनके साथी हैं। इस ईमानदारी से खुश होकर उन्होंने अशरफ को तीन हजार रुपये इनाम देने की पेशकश भी की, लेकिन अशरफ ने इसे लेने से साफ मना कर दिया।
अशरफ उत्तर प्रदेश के बुलंद शहर स्थित कस्बा गुलावठी के रहने वाले हैं। यहां रोहिणी इलाके में परिवार के साथ रहते हैं। वहीं, रोहिणी सेक्टर-16 में 10 वर्ष से कबाड़ की दुकान चलाते हैं। अशरफ ने बताया कि कुछ दिन पहले उन्होंने फरीदाबाद के कबाड़ी अख्तर खान की इमानदारी की खबर सोशल मीडिया मीडिया पर देखी थी। उसी से प्रेरित होकर उन्होंने तय किया कि किसी का हक हरगिज नहीं रखेंगे।




