धीरेंद्र शास्त्री को बांके बिहारी मंदिर में पूजा करा रहे सेवायत से अभद्रता, एएसपी अनुज चौधरी ने कॉलर पकड़ खींचा!

मथुरा/उत्तर प्रदेश। बागेश्वर धाम के प्रमुख पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री के बांके बिहारी मंदिर दर्शन के दौरान रविवार देर शाम उत्तर प्रदेश पुलिस की अभद्रता का मामला सामने आया है। धीरेंद्र शास्त्री की सुरक्षा में लगे पुलिस अधिकारी और कर्मियों पर मंदिर के सेवायतों और पदयात्रा के संयोजकों के साथ बदसलूकी करने का आरोप लगा है। इसमें सबसे बड़ा नाम यूपी पुलिस के चर्चित अधिकारी एएसपी अनुज चौधरी का सामने आया है।
मामला उस समय बढ़ गया जब धीरेंद्र शास्त्री मंदिर में पूजा के लिए पहुंचे। उन्हें पूजा कराने जा रहे मंदिर के एक सेवायत को उनकी सुरक्षा में तैनात ASP अनुज चौधरी ने कथित तौर पर कॉलर पकड़कर खींचा। इस दौरान सेवायत के हाथ में मौजूद पूजा की थाली का सारा सामान फर्श पर बिखर गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसने पुलिस के रवैये पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। हालांकि पुलिस की तरफ से कोई बयान नहीं आया है।
‘सनातन हिंदू एकता पदयात्रा’ की ब्रज में जिम्मेदारी संभाल रहे भागवत प्रवक्ता आचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने भी पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने बताया कि व्यवस्था बनाते समय पुलिसकर्मियों ने उनके साथ धक्का-मुक्की की, जिससे उनका कुर्ता फट गया। साथ चल रहे भागवत प्रवक्ता पार्वती बल्लभ की पगड़ी तक गिर गई। आचार्य मृदुल कांत शास्त्री ने पुलिस के इस व्यवहार को ‘ब्रजवासियों के साथ अनुचित’ बताया और मारपीट के आरोप भी लगाए।
धीरेंद्र शास्त्री की टीम ने पुलिस पर पदयात्रा के दौरान सहयोग न करने का भी आरोप लगाया है। धर्मसभा से बांके बिहारी मंदिर तक की 5 किलोमीटर की यात्रा पूरी करने में 3 घंटे लगे। टीम के सदस्यों का कहना है कि पुलिस जानबूझकर धीरेंद्र शास्त्री जी को सीधे रास्ते के बजाए ऊबड़-खाबड़ और सकरे रास्तों से लेकर गई, जिससे यात्रा में अनावश्यक देरी हुई।
टीम के अनुसार, ऐसा प्रतीत होता था कि पुलिस नहीं चाहती थी कि शास्त्री जी पैदल दर्शन करें, जबकि पदयात्रा का मुख्य उद्देश्य ही ‘बागेश्वर बांके बिहारी मिलन’ था। सोशल मीडिया पर इस पूरे घटनाक्रम को लेकर लोग उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारियों के रवैये पर आक्रोश व्यक्त कर रहे हैं।





