पाकिस्तान के परमाणु हथियार पर आ गई नई रिपोर्ट, यूरेनियम संवर्धन की रफ्तार ने चौंकाया, भारत की बढ़ेगी टेंशन

पाकिस्तान। पाकिस्तान के परमाणु हथियार पर बुलेटिन ऑफ एटमिक साइंटिस्ट ने नई रिपोर्ट जारी की है। इस रिपोर्ट में पाकिस्तान के परमाणु शस्त्रागार की स्थिति की समीक्षा की गई है। इसमें पाया गया है कि पाकिस्तान के पास वर्तमान में लगभग 170 परमाणु हथियार हैं। इसमें 2023 के बाद से कोई भी बदलाव नहीं हुआ है। अमेरिकी रक्षा खुफिया एजेंसी ने 1999 में अनुमान लगाया था कि 2020 तक पाकिस्तान के पास 60 से 80 परमाणु वारहेड होंगे, लेकिन तब से कई हथियारों का विकास किया गया है, जिससे शस्त्रागार में बड़ा इजाफा हुआ है। रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि पाकिस्तान अपने परमाणु शस्त्रागार को गुप्त रखे हुए है, ऐसे में यह रिपोर्ट सैटेलाइट तस्वीरों, मीडिया रिपोर्ट और विशेषज्ञों के अनुमानों पर आधारित है।
तेजी से यूरेनियम संवर्धन कर रहा पाकिस्तान
बुलेटिन ऑफ एटमिक साइंटिस्ट की रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान ने कई ऐसे हथियारों का निर्माण किया है, जो परमाणु वारहेड को डिलीवर कर सकते हैं। पाकिस्तान के पास चार प्लूटोनियम प्रोडक्शन रिएक्टर हैं और वह बड़े पैमाने पर यूरेनियम संवर्धन इंफ्रास्ट्रक्चर को विकसित कर रहा है। इससे पाकिस्तान के परमाणु भंडार में अगले कुछ वर्षों में और वृद्धि होने की संभावना है। हालांकि, यह वृद्धि कई कारकों पर निर्भर करेगी, जिसमें पाकिस्तान के परमाणु मिसाइल लॉन्चरों की संख्या, परमाणु रणनीति और भारतीय परमाणु शस्त्रागार में वृद्धि प्रमुख होंगे।
भारत से जुड़ा है पाकिस्तान का परमाणु कार्यक्रम
रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि अगर भारत अपने परमाणु शस्त्रागार का विस्तार नहीं करता या फिर अपनी पारंपरिक सैन्य शक्ति को मजबूत नहीं करता है तो पाकिस्तान के परमाणु शस्त्रागार में उल्लेखनीय वृद्धि की संभावना कम ही होगी। अगर ऐसा होता है तो पाकिस्तान का परमाणु हथियार कार्यक्रम स्थिर हो सकता है। हालांकि, रिपोर्ट में इस बात पर जोर दिया गया है कि पाकिस्तान के परमाणु शस्त्रागार का विश्लेषण पूरी तरह से अनिश्चितता से भरा है, क्योंकि यहां सरकारी तौर पर कोई भी आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। पाकिस्तानी सरकार ने कभी भी अपने परमाणु शस्त्रागार के आकार का सार्वजनिक रूप से खुलासा नहीं किया है और आमतौर पर अपने परमाणु सिद्धांत पर कोई टिप्पणी नहीं करती है।
न्यूक्लियर नोटबुक में पाकिस्तान के परमाणु शस्त्रागार का अनुमान और विश्लेषण (1) सरकारी डेटा जैसे- अधिकारियों के बयान, डी-क्लासिफाइड डेटा, बजटीय जानकारी और सैन्य परेड; (2) गैर-सरकारी डेटा जैसे- मीडिया रिपोर्ट, थिंक टैंक विश्लेषण और इंडस्ट्रियल पब्लिकेशन; (3) सैटेलाइट तस्वीरों के आधार पर किया गया है। चूंकि इनमें से हर एक स्रोत अलग-अलग और सीमित जानकारी प्रदान करता है, ऐसे में परमाणु शस्त्रागार का सटीक आंकलन करना मुश्किल हो जाता है। इसके बावजूद इस रिपोर्ट को संबंधित देश के अधिकारियों से निजी बातचीत के बाद तैयार किया जाता है।

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