मेरठ में टोल प्लाजा पर सेना के जवान की पिटाई मामले में टोल कंपनी ब्लैकलिस्ट, लगाया 20 लाख का जुर्माना
सेना के जवान को पीटने पर भड़का ग्रामीणों का गुस्सा,टोल प्लाजा पर हंगामा और तोड़फोड़

मेरठ/उत्तर प्रदेश। एनएचएआई ने एनएच 709ए के मेरठ-करनाल खंड पर भूनी टोल प्लाज़ा पर तैनात टोल कर्मचारियों द्वारा सेना के जवान के साथ हुई घटना पर निंदा जताते हुए सख्त कार्रवाई की है। एनएचएआई ने टोल संग्रह एजेंसी मेसर्स धरम सिंह पर 20 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है और टोल संग्रह फर्म को टोल प्लाजा बोलियों में भविष्य में भागीदारी से प्रतिबंधित करने और समाप्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भूनी टोल प्लाजा पर सेना के जवान कपिल निवासी गांव गोटका के साथ हुई मारपीट का मामला गर्मा गया है। गोटका के सैकड़ों लोगों ने सोमवार को टोल प्लाजा पर हंगामा, तोड़फोड़ और नारेबाजी कर दी। पुलिस ने आकर स्थिति को संभालने की कोशिश की, लेकिन ग्रामीण मानने को तैयार नहीं थे। ग्रामीण टोल वसूली एजेंसी को बर्खास्त करने की मांग पर अड़े हुए थे।
ग्रामीणों का कहना है कि देश की सुरक्षा में तैनात जवान के साथ इस तरह का व्यवहार किया जाना बेहद शर्मनाक है। वहीं दूसरी ओर जिम्मेदार अधिकारियों की ढिलाई मामले को और गंभीर बना रही है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को हिरासत में लिया। इसके बावजूद ग्रामीणों का गुस्सा कम होने के बजाय और बढ़ गया।
सोमवार को सैकड़ों ग्रामीण टोल प्लाजा पर एकत्र हुए और धरने पर बैठ गए। आक्रोशित ग्रामीणों ने टोल प्लाजा को पूरी तरह फ्री करा दिया और किसी भी वाहन से शुल्क नहीं वसूलने दिया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने टोल प्लाजा पर जमकर तोड़फोड़ कर दी। कई बैरिकेड्स और खिड़कियां क्षतिग्रस्त हो गईं। टोल कर्मचारियों में हड़कंप मच गया और कई कर्मचारी मौके से भाग गए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जवान सुरक्षित नहीं हैं तो आम नागरिकों की सुरक्षा की उम्मीद कैसे की जा सकती है। धरना स्थल पर जुटे लोगों ने स्थानीय प्रशासन और पुलिस अधिकारियों से मांग की है कि दोषियों पर कड़ी कार्रवाई हो और घटना की निष्पक्ष जांच कराई जाए।




