दारुल उलूम देवबंद में पहली बार मदरसा छात्रों ने निकाली तिरंगा यात्रा, हिंदुस्तान जिंदाबाद के लगे नारे

सहारनपुर/उत्तर प्रदेश। आजादी का अमृत महोत्सव और हर घर तिरंगा अभियान के तहत इस्लामी तालीम के प्रतिष्ठित केंद्र दारुल उलूम देवबंद में पहली बार मदरसा छात्रों द्वारा भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। सफेद कुर्ता-पायजामा और हाथों में लहराते तिरंगे लिए छात्र जब सड़कों पर उतरे तो पूरा इलाका देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। पूरा इलाका हिंदुस्तान जिंदाबाद के नारों से गूंजा उठा।
मंगलवार को दारुल कुरान से तिरंगा यात्रा का शुभारंभ संस्थान के मोहतमिम मुफ्ती अबुल कासिम नोमानी ने झंडा लहराकर किया। यात्रा में मदरसा के अन्य जिम्मेदार, स्थानीय पुलिस व प्रशासनिक अधिकारी भी शामिल हुए। इस दौरान सभी ने हाथों में तिरंगा थामकर हिंदुस्तान जिंदाबाद और वंदे मातरम के नारे लगाए।
तिरंगा यात्रा दारुल कुरान से निकलकर स्टेट हाईवे होते हुए तल्हेड़ी चुंगी, दारुल उलूम चौक से होते हुए गेस्टहाउस पहुंची। यहां से पुनः दारुल परिसर में प्रवेश करते हुए यात्रा वापस दारुल कुरान पर संपन्न हुई। रास्ते भर स्थानीय लोग भी छात्रों के उत्साह को देख प्रभावित हुए और कई जगहों पर फूल बरसाकर स्वागत किया गया।
स्थानीय प्रशासन ने दारुल उलूम प्रबंधन से हर घर तिरंगा अभियान को सफल बनाने के लिए सहयोग का अनुरोध किया था। इस पर मोहतमिम ने पूरा समर्थन देने का आश्वासन दिया। इसी के बाद पहली बार मदरसा छात्रों ने इस तरह की यात्रा में हिस्सा लिया।
देवबंद में 2 अगस्त से 15 अगस्त तक तीन चरणों में हर घर तिरंगा अभियान चल रहा है। इसके तहत घरों, वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों और सरकारी भवनों पर तिरंगा फहराने के साथ रैलियों का आयोजन किया जा रहा है। इसका मकसद नागरिकों को अपने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति गर्व और भावनात्मक जुड़ाव बढ़ाना है। दारुल उलूम की यह तिरंगा यात्रा न केवल ऐतिहासिक पहल है, बल्कि यह देश की एकता, भाईचारे और सामूहिक देशभक्ति की मिसाल भी पेश करती है।




