20 साल तक शरीर में उतारा जहर, कोबरा जैसे सांपों से 200 बार कटवाया, खून से वैज्ञानिकों ने बनाई कमाल की दवाई

He kept poison in his body for 20 years, got bitten by snakes like cobra 200 times, scientists made amazing medicine from his blood

वॉशिंगटन/एजेंसी। अमेरिका के रहने वाले टिम फ्राइड के खून से एंटीवेनम (सांप के जहर को बेसर करने वाली दवा) बनाने का दावा किया गया है। टिम फ्राइड ने बीते 20 सालों में 200 बार खुद को सांपों का जहर शरीर में इंजेक्ट कराया है। इससे उसके खून में सांप के जहर को बेअसर करने की क्षमता आ गई। अब उसके खून के इस्तेमाल से दवा बनाई गई है। वैज्ञानिकों का कहना है कि टिम के खून में ऐसे एंटीबॉडीज हैं, जो कई तरह के जहरीले सांपों से बचा सकते हैं। ये एंटीबॉडीज जानवरों पर किए गए टेस्ट में जानलेवा जहर से बचाने में सफल रहे हैं।
बीबीसी की रिपोर्ट के मुताबिक, अभी जो एंटीवेनम मौजूद हैं वे सिर्फ खास तरह के सांपों के जहर पर ही काम करते हैं। वहीं टिम फ्राइड की 20 साल की मेहनत से ऐसा एंटीवेनम बनाने में मदद मिली है, जो सभी तरह के सांपों के काटने पर काम आए। सांप के काटने से हर साल 14,000 से ज्यादा लोगों की मौत होती है। इसके अलावा करीब 50 हजार लोगों को लोगों को सांप के काटने की वजह हाथ, पैर या उंगलियां काटनी पड़ती हैं।
टिम फ्राइड ने दुनिया के सबसे खतरनाक सांपों- जैसे कि मंबा, कोबरा, ताइपन और क्रेट से जहर लेकर खुद को 700 से ज्यादा इंजेक्शन लगाए। वह पहले सांपों को संभालते समय खुद को बचाने के लिए अपनी इम्युनिटी बढ़ाना चाहते थे। ट्रक मैकेनिक रहे टिम ने बीबीसी को बताया कि एक दफा दो कोबरा सांपों ने उन्हें जल्दी-जल्दी काटा, जिससे वह कोमा में चले गए थे लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उनका मकसद दुनिया के बाकी लोगों के लिए बेहतर इलाज विकसित करना था और वह इसके लिए कोशिश करते रहे।
एंटीवेनम बनाने के लिए अभी तक सांपों के जहर की थोड़ी मात्रा घोड़े जैसे जानवरों में इंजेक्ट की जाती रही है। उनका इम्युनिटी सिस्टम एंटीबॉडीज बनाकर जहर से लड़ता है और फिर उन्हें निकालकर इलाज के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि जहर और एंटीवेनम का मिलना जरूरी है क्योंकि जहरीले सांप के काटने में जहर एक प्रजाति से दूसरी प्रजाति में अलग होता है। यहां तक कि एक प्रजाति में भी अंतर होता है। जैसे भारत में सांपों से बना एंटीवेनम श्रीलंका में उसी प्रजाति के सांपों पर कम असरदार होता है।
रिसर्च करने वालों की एक टीम ने खास तरह की इम्युनिटी डिफेंस की तलाश शुरू की, जिसे ब्रॉडली न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज कहा जाता है। इस दौरान बायोटेक कंपनी सेंटिवैक्स के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर डॉक्टर जैकब ग्लानविले को टिम फ्राइड के बारे में पता चला। जैकब ने कहा, ‘मैंने सोचा अगर दुनिया में किसी ने इन ब्रॉडली न्यूट्रलाइजिंग एंटीबॉडीज को विकसित किया है तो वह टिम ही होगा। इसलिए मैंने उससे संपर्क किया और वह मान गए।
रिसर्च टीम फिलहाल टीम एंटीबॉडीज को और बेहतर बनाने की कोशिश कर रही है और यह देखने की कोशिश कर रही है कि क्या चौथा कंपोनेंट जोड़ने से इलापिड सांप के जहर से पूरी तरह से सुरक्षा मिल सकती है। सेल जर्नल में प्रकाशित रिसर्च टीम के निष्कर्षों में दो व्यापक रूप से बेअसर करने वाले एंटीबॉडीज की पहचान होने की जानकारी दी गई है, जो न्यूरोटॉक्सिन के दो वर्गों को लक्षित कर सकते हैं।

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