भारत के विरोध का असर नहीं, अमेरिकी सांसदों का एक दल पाकिस्‍तान के दौरे पर पहुंचा

पाकिस्‍तानी सेना प्रमुख का नापाक प्‍लान

इस्‍लामाबाद/एजेंसी। अमेरिकी सांसदों का एक दल पाकिस्‍तान के दौरे पर पहुंचा है। अमेरिकी सांसदों ने पाकिस्‍तान के असली शासक सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर से मुलाकात की है। अमेरिका के नेताओं ने कश्‍मीर में आतंकवाद को भड़काने वाली पाकिस्‍तानी सेना की आतंक निरोधी अभियान की जमकर तारीफ की है। अमेरिकी सांसदों के इस दल में जैक बेर्गमैन, थॉमस सोउजी और जोनाथन जैक्‍सन शामिल हैं। इस अमेरिकी दल ने पाकिस्‍तान के आर्मी चीफ के अलावा गृहमंत्री मोहसिन नकवी से भी मुलाकात की। इस मुलाकात में जनरल मुनीर ने जो गिफ्ट दिया, उसमें भी कश्‍मीर लिखा हुआ है। यह अमेरिकी दल पाकिस्‍तान के इशारे पर चलते हुए पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर यानि पीओके के दौरे पर भी जाएगा।भारत ने इस तरह की अमेरिकी नेताओं की यात्रा का कड़ा विरोध किया है। भारत के विरोध के बाद अमेरिकी सांसद पीओके दौरे पर जा रहे हैं। पाकिस्‍तानी मीडिया का कहना है कि पाकिस्‍तान में रहने के दौरान यह अमेरिकी सांसदों का दल पाकिस्‍तान अधिकृत कश्‍मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद की यात्रा पर भी जाएगा। इस दौरान पाकिस्‍तानी सेना के बैठाए हुए पीओके के पिट्ठू नेता पूरी प्‍लानिंग के साथ अमेरिकी सांसदों के दल से भारत के जम्‍मू-कश्‍मीर का मुद्दा उठाने जा रहे हैं। हाल के दिनों में पाकिस्‍तानी सेना ने एलओसी पर कई बार फायरिंग और घुसपैठ की कोशिश की है। अमेरिकी दल को पीओके नेताओं की ओर से एलओसी के हालात के बारे में भी बताया जाएगा।
इससे पहले साल 2023 में भी एक अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने पीओके की यात्रा की थी जिसका भारत ने कड़ा विरोध किया था। उस समय अमेरिका के पाकिस्‍तान में राजदूत डोनाल्‍ड ब्‍लोम ने पीओके गिलगित बाल्टिस्‍तान की यात्रा की थी। इस दौरान उन्‍होंने पीओके की व‍िधानसभा नेताओं से भी मुलाकात की थी। ऐसा पहली बार नहीं हुआ था जब अमेरिका के इस्‍लामाबाद में राजदूत ने पीओके की यात्रा की हो। साल 2022 में भी राजदूत डोनाल्‍ड ब्‍लोम ने मुजफ्फराबाद की यात्रा की थी और पीओके के कथित पीएम से मुलाकात भी की थी।
भारत के कड़े विरोध के बाद नई दिल्‍ली में अमेरिका के तत्‍कालीन राजदूत एरिक गार्सेटी ने सफाई दी थी। उन्‍होंने इसकी तुलना जी-20 सम्‍मेलन के दौरान विदेशी नेताओं के जम्‍मू-कश्‍मीर की यात्रा से की थी। गार्सेटी ने यह भी कहा कि अमेरिका का मानना है कि कश्‍मीर का मुद्दा द्विपक्षीय है और इसे भारत तथा पाकिस्‍तान के बीच द्विपक्षीय बातचीत के जरिए सुलझाया जाना चाहिए। वहीं पाकिस्‍तान चाहता है कि कश्‍मीर मुद्दा सुलझाने के लिए अमेरिका हस्‍तक्षेप करे। वहीं अमेरिकी सांसदों के साथ मुलाकात में पाकिस्‍तान के गृहमंत्री ने दावा किया कि आतंकवाद और बाकी दुनिया के बीच पाकिस्‍तान एक दीवार की तरह से है। पाकिस्‍तानी मंत्री यह दावा तब कर रहे थे, जब खुद उनका देश कश्‍मीर में दशकों से आतंकवाद को भड़का रहा है।

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