बिना प्रोटोकॉल सम्मान पर बवाल, सीकर जिला परिषद की बैठक में मनोज बाटड़ को मंच देने पर हंगामा
Chaos over honouring without protocol, uproar over giving platform to Manoj Batad in Sikar Zila Parishad meeting

- भाजपा जिलाध्यक्ष को मंच पर बुलाने से मचा राजनीतिक बवाल
- विधायक मोदी ने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों का अपमान बताया
- सीईओ ने गलती का दावा कर सफाई दी, कार्रवाई की मांग
सीकर/राजस्थान। शेखावाटी के सीकरजिले में अधिकारियों की ओर से सत्तारूढ़ दल से जुड़े पदाधिकारियों और चुनाव हारे उम्मीदवारों को बिना किसी अधिकारिक प्रोटोकॉल के मंच पर सम्मान देने की घटनाएं लगातार विवादों को जन्म दे रही हैं। हाल ही में अलोदा थाने के उद्घाटन समारोह में उपजे विवाद की तपिश अभी ठंडी नहीं हुई थी कि अब जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में एक नया मामला सामने आ गया है। बैठक में भाजपा जिलाध्यक्ष मनोज बाटड़ को मंच पर बुलाकर गुलदस्ता देकर सम्मानित किया गया, जिससे नीमकाथाना विधायक सुरेश मोदी ने कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों और निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का अपमान बताते हुए कलेक्टर और जिला परिषद सीईओ से सवाल किया कि बाटड़ को किस हैसियत से मंच पर बैठाया गया।
विधायक मोदी के विरोध का विपक्षी दलों के सदस्यों ने भी समर्थन किया और सभा की परंपराएं तोड़ने का आरोप लगाते हुए सीईओ राजपाल यादव के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग की। दरअसल, भाजपा जिलाध्यक्ष बाटड़, यूडीएच मंत्री झाबर सिंह खर्रा के साथ बैठक में पहुंचे थे और मंच पर लगी कुर्सी पर बैठ गए थे। विवाद बढ़ता देख सीईओ यादव ने सफाई दी कि यह गलती सूचना के अभाव में हुई। उन्होंने कहा, ‘मैंने सुना था कि वे जिला परिषद सदस्य हैं, बाद में पता चला कि उनकी पत्नी सदस्य हैं।’
उधर, बाटड़ ने कहा कि वे मंत्री के साथ बैठक में आए थे और अधिकारियों के कहने पर मंच पर बैठे। इस प्रकरण पर कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला ने भी सवाल खड़े किए और पूछा कि भाजपा जिलाध्यक्ष को किस नियम के तहत मंच पर स्थान दिया गया। उन्होंने दोषी अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की मांग भी दोहराई। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि प्रशासन इस प्रोटोकॉल उल्लंघन के मामले में क्या कदम उठाता है। दोषियों पर कार्रवाई करेगा या मामला यूं ही दबा दिया जाएगा।




