दिल्ली में कबूतरों को दाना डाला तो घर पहुंचेगा चालान, सरकार ने लागू किया सख्त नियम

If you feed pigeons in Delhi, you will get a challan at home, the government has implemented strict rules

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के विभिन्न चौक-चौराहों पर कबूतरों को दाना डालना अब भारी पड़ सकता है। कबूतरों को दाना डाल तो घर पर चालान पहुंचेगा। इसके लिए 500 रुपये तक जेब ढीली करनी पड़ सकती है। एमसीडी ने इसकी शुरुआत कश्मीरी गेट के पास तिब्बती मार्केट, ईदगाह गोलचक्कर और पंचकुइंया रोड श्मशान गृह पर अंबेडकर भवन के पास से की है। जहां गोलचक्कर और सड़क के किनारे कबूतर से लेकर अन्य पशुओं को खाना खिलाना या दाना डालने से गंदगी फैलती है, जिस पर 200 से लेकर 500 रुपये तक का चालान किया जा रहा है। ऐसा करने वाले 10 लोगों की जानकारी ली है और अब तक पांच चालान किए गए हैं। एमसीडी में सिटी एसपी जोन की उपायुक्त वंदना राव ने बताया कि यहां होने वाली गंदगी को रोकने के लिए यह निर्णय लिया गया है। जो भी पक्षियों को दाना डालेंगे या फिर आवारा पशुओं को खिलाएंगे तो गंदगी फैलाने पर चालान किया जाएगा।
उन्होंने बताया सरकारी भूमि पर दाना बेचने वालों को हटा दिया गया है, साथ ही इलाके की सफाई कर वहां पर बोर्ड लगा दिए है कि लोग पक्षियों और आवारा पशुओं को दाना या खाना न खिलाएं। सड़क पर गंदगी से शहर की छवि खराब होती है। उन्होंने बताया कि अभी तक पांच चालान लोगों के घर भेजे गए हैं। यह वह लोग हैं, जो अपने वाहनों से आते हैं और जहां मौका लगता है वहीं पर पक्षियों को दाना डाल देते हैं। इन वाहनों के नंबर वहां मौजूद निगम कर्मचारी फोटो समेत अपने पास रख लेता है और फिर वाहन संख्या के आधार पर ट्रैफिक पुलिस की मदद से वाहन मालिक का पता लगाकर चालान घर भेजा जा रहा हैं। जिनको चालान भेजे जा रहे हैं, उनको तय तारीख पर निगम कार्यालय में आकर चालान का भुगतान करना होगा।
उन्होंने बताया कि शालीमार बाग से एक व्यक्ति तिब्बती मार्केट के पास गाड़ी से आया और उसने वहां पर कबूतरों को दाना डाला। इस पर उसके घर पर चालान भेजा गया है। उपायुक्त ने बताया कि अभी तीन स्थानों से इसकी शुरुआत की गई है, जल्द ही जोन में आने वाले 12 वार्ड में यह व्यवस्था लागू की जाएगी। प्रत्येक वार्ड में न्यूनतम दो-दो स्थान चिह्नित किए जाएंगे। कबूतरों की भरमार है। घरों की बालकनी और छतों पर कबूतरों से लोग परेशान हैं। पक्षियों को दाना खिलाने पर पुण्य कार्य माना जाता है, इसलिए लोग दिल्ली में जगह-जगह चौक-चौराहों पर दाना डालते हैं। जहां पर कबूतरों की भरमार होती है। निगम स्वास्थ्य अधिकारी डा. एलआर वर्मा ने बताया कि कबूतरों के मल में फंगस होता है, जो सूखने के बाद पाउडर की तरह उड़ता है। उसके संपर्क में आने से व्यक्ति को फंगल निमोनिया, फेफडों में एलर्जिक निमोनाइटिस बीमारी होती है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button