बीजापुर में दबंगों ने दिवंगत पत्रकार मुकेश चंद्राकर के अस्थि कलश को तोड़ा, फिर मैदान में बिखेर दी अस्थियां
In Bijapur, miscreants broke the urn containing the ashes of late Mukesh Chandrakar and then scattered the ashes on the ground

बीजापुर/छत्तीसगढ़। बीजापुर में पत्रकार मुकेश चंद्रकार की हत्या के बाद अब उनके अस्थि कलश के साथ छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। 13 जनवरी 2025 को परिजन जब कलेश्वरम में विसर्जन के लिए अस्थियां लेने मुक्तिधाम पहुंचे, तो कलश टूटा हुआ मिला और अस्थियां बिखरी पड़ी थीं। मुकेश ने सड़क निर्माण में गड़बड़ी का खुलासा किया था, जिसके बाद ठेकेदार और उसके भाइयों पर हत्या का आरोप है। मामले की जांच जारी है।
सोमवार, 13 जनवरी 2025 को मुकेश के परिजन कलेश्वरम में अस्थि विसर्जन के लिए मुक्तिधाम गए थे। वहां पहुंचकर उन्हें बड़ा धक्का लगा। अस्थि कलश गायब था। आसपास खोजबीन करने पर कलश टूटा हुआ मिला और अस्थियां बिखरी पड़ी थीं। इस घटना ने परिजनों को गहरे सदमे में डाल दिया। उन्होंने तुरंत बीजापुर एसपी से शिकायत की और मामले की जांच की मांग की।
मुकेश चंद्रकार की हत्या का मामला पहले से ही काफी चर्चित है। उन्होंने सड़क निर्माण में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश किया था। इस खुलासे के बाद ठेकेदार सुरेश चंद्रकार और उसके भाइयों रितेश, दिनेश और सुपरवाइजर महेंद्र रामटेके पर मुकेश की हत्या करवाने का आरोप है। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच चल रही है।
मुकेश की हत्या बेहद बेरहमी से की गई थी। उनके सिर पर धारदार हथियार से वार किया गया था। आरोपी इसे नक्सली हमला दिखाना चाहते थे, क्योंकि नक्सली अक्सर इसी तरह से हत्याएं करते हैं। हत्यारे मुकेश के शव को जंगल में फेंकने की योजना बना रहे थे, लेकिन मौका न मिलने पर उन्होंने शव को एक टैंक में डाल दिया और ऊपर से पैक करवा दिया।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हत्या की बर्बरता का खुलासा हुआ। डॉक्टरों ने बताया कि उन्होंने इससे पहले इतनी निर्मम हत्या नहीं देखी थी। मुकेश के सिर में 15 फ्रैक्चर थे, गर्दन टूटी हुई थी और हृदय भी फटा हुआ था। उनकी 5 पसलियां भी टूटी हुई थीं और लिवर के 4 टुकड़े हो गए थे।




