ट्रक ड्राइवर से बना वाहन चोर, 15 साल में चुराईं 1000 कारें, गाजियाबाद में सरगना समेत 3 गिरफ्तार

Truck driver turned vehicle thief, stole 1000 cars in 15 years, 3 including the kingpin arrested in Ghaziabad

गाजियाबाद। गाजियाबाद क्राइम ब्रांच ने अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश कर तीन शातिरों चोरों को गिरफ्तार किया। उनसे आठ कार, टैब और 17 चाबियां बरामद की गईं। पूछताछ में गिरोह का सरगना शकील उर्फ भुरवा ने बताया कि वह 15 साल से वाहन चोरी कर रहा था। ट्रक चलाने का काम छोड़कर वह वाहन चोरी करने लगा और 15 साल में 1000 से ज्यादा वारदात कर चुका है।एसीपी कविनगर अभिषेक श्रीवास्तव ने बताया कि मेरठ के मुंडाली के गांव जसोरा निवासी शकील उर्फ भुरवा, मेरठ के परीक्षितगढ़ के अलियारपुर खजूरी निवासी हसीन और राजस्थान के जोधपुर निवासी समीर को गिरफ्तार किया गया। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश की जा रही है। पूछताछ में सरगना शकील ने बताया कि वह पहले ट्रक चालक था।
2010 में वह सलमान के संपर्क में आया और उसके साथ चोरी व लूटपाट करने लगा। 2010 में पहली बार जेल गया। 2022 में असलम, राशिद काला और हसीन के साथ अपना गिरोह बना लिया और डिमांड के अनुसार दिल्ली-एनसीआर में वाहन चोरी करने लगा। हसीन खेती करता था। इसी बीच वह असलम के संपर्क में आया। 2019 में दिल्ली से जेल गया। समीर ने बताया वह 10वीं पास है। पहले वह टायर पंक्चर की दुकान करता था। 2021 में फिर स्पेयर पार्ट्स की दुकान की। ज्यादा मुनाफा नहीं होने का कारण परेशान रहने लगा।
इसी बीच जोधपुर के साजिद खान व अरशद से संपर्क हुआ और उनके साथ दिल्ली व एनसीआर में वाहन चोरी करने लगा। जोधपुर में उसके अलग-अलग गोदाम हैं, जहां वे चोरी के वाहन छिपाकर रखते थे और फिर अलग-अलग पार्ट्स बेच देते थे।
पुलिस को जांच में पता चला कि गिरोह के सदस्यों के पास कोई एक्सिडेंटल कार आती है तो उसे सही करने के नाम पर ढाई से तीन लाख रुपये में सौदा करते थे। इसके बाद चोरी के वाहनों का इंजन का इंजन नंबर व चेसिस नंबर टेम्परिंग करके एक्सीडेंटल कार में लगा देते थे। वाहन मालिक को इंजन बदले होने की जानकारी नहीं होती थी।
शकील ने बताया कि डिमांड के अनुसार गिरोह के सदस्य वाहन चोरी करते थे। गाड़ियों की डिमांड राजस्थान से अरशद, अब्दुल और समीर, मेरठ से अज्जू उर्फ अजरूद्दीन और हाफिज लाते थे। वह खुद अपने साथी हसीन, राशिद काला और असलम के साथ मिलकर डिमांड के अनुसार कार चोरी करने के लिए पहले रेकी करते थे। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस (टैब) में सॉफ्टवेयर के माध्यम से नकली चाबी बनाते थे। जीपीएस होने पर उसे निकाल देते थे।
एसीपी कविनगर ने बताया कि गिरोह के सरगना शकील पर दिल्ली, गौतमबुद्धनगर, हापुड़, मेरठ, बिजनौर और गाजियाबाद में 29 मुकदमे, हसीन पर 13 और समीर पर तीन मुकदमे दर्ज हैं। शकील 10 से ज्यादा बार जेल जा चुका है। समीर 2023 में गाजियाबाद से वाहन चोरी व बरामदगी के मामले में आलम, फजर और साजिद खान के साथ जेल जा चुका है। बरामद वाहन दिल्ली, इंदिरापुरम से चोरी किए गए हैं।

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