लखनऊ बीजेपी कार्यालय पर दिव्यांगों का जोरदार प्रदर्शन, लेखपाल भर्ती का 11 महीने से मांग रहे नियुक्ति पत्र
Strong protest by disabled people at Lucknow BJP office, demanding appointment letter for Lekhpal recruitment for 11 months

लखनऊ/एजेंसी। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में स्थित बीजेपी दफ्तर पर अपनी मांगों को लेकर लेखपाल भर्ती में चयनित दिव्यांगों ने जोरदार प्रदर्शन किया है। दिव्यांग अभ्यर्थी नियुक्ति पत्र की मांग को लेकर पिछले 11 महीनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि हमें नियुक्ति पत्र देने के बजाए सरकार और प्रशासन के लोग परेशान कर रहे हैं। अगर हमारी मांग नहीं सुनी गई तो हम सड़कों पर उतरकर आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे। इतना ही नहीं, इस दौरान अभ्यर्थी सीएम योगी और मुख्य सचिव से मुलाकात करने के लिए अड़े रहे। अभ्यर्थी बोले हमारी मुलाकात कराए वरना हम 27 तारीख तक यही बैठे रहेंगे।
दरअसल सोमवार को सुबह लेखपाल पद पर नियुक्ति की मांग को लेकर दिव्यांग अभ्यर्थी बीजेपी दरफ्तर पहुंच गए। जहां उन्होंने दफ्तर के गेट पर अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी की है। दिव्यांग अभ्यर्थी 188 पदों पर नियुक्ति की मांग कर रहे हैं। वहीं प्रदर्शन कर रहे दिव्यांग संगठन के नेता ने बताया कि दिव्यांगों का 11 महीने से आंदोलन चल रहा है। उन्हें नियुक्ति पत्र देने के बजाए सरकार और प्रशासन के लोग परेशान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमें न्याय चाहिए। नौकरी, रोजगार शिक्षा, सुरक्षा और स्वास्थ्य की सौ फीसदी गारंटी के लिए अपनी लड़ाई तेज करनी होगी। पीड़ित ने कहा कि प्रदेश सरकार ने हमारी नहीं सुनी है, इसलिए भाजपा संगठन के पास अपनी मांगों को लेकर न्याय की गुहार लगाने आए हैं। अब अगर संगठन भी हमारी नहीं सुनेगा तो हम सड़कों पर उतरेंगे। हम आर-पार की लड़ाई लड़ेंगे।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को पुलिस अधिकारियों ने समझाने का प्रयास किया। अभ्यर्थियों ने कहा कि हम 11 महीने से धरना दे रहे हैं। अगर सरकार और नेताओं को हम लोगों के प्रति इतनी हमदर्दी होती तो अब तक हल निकल चुका होता। प्रदर्शन को लीड कर रहे एक शख्स ने बताया कि भर्ती का विज्ञापन जारी होने के बाद बच्चों ने पेपर दिया और उसे पास किया।
डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन हो जाने के बाद भी नियुक्ति पत्र नहीं दिया गया है, उसी कैटेगरी में जो अभ्यर्थी जनरल के हैं, उन्हें नियुक्ति पत्र दे दिया गया है। नियुक्ति पत्र न देकर हम लोगों के साथ अन्याय किया जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि हम शांतिपूर्ण तरीके से धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। हम कोई उपद्रव नहीं कर रहे हैं।




