हड़ताल में चैंबर खोलने वाले वकीलों और टाइपिस्टों पर एक्शन, देना होगा भारी जु्र्माना

Action will be taken against lawyers and typists who open their chambers during strike, they will have to pay heavy fine

गाजियाबाद। जिला जज कोर्ट में 29 अक्टूबर को वकीलों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में बृहस्पतिवार को भी वकीलों का धरना जारी रहा। बार एसोसिएशन ने निर्णय लिया है कि शुक्रवार से सभी वकील अपना चैंबर बंद रखेंगे। चैंबर खुला पाए जाने पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। टाइपिस्ट बैठे मिलने पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगेगा। आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए 13 सदस्यीय समन्वय समिति बनाई गई है। इसमें पूर्व बार अध्यक्ष और पूर्व बार सचिव शामिल हैं।
बार एसोसिएशन ने आंदोलन को सफल बनाने के लिए कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। बार सचिव अमित नेहरा के मुताबिक कचहरी में आने वाले अधिवक्ता अपने चैंबर की बजाय धरने पर बैठें। उसके लिए चैंबर पूरी तरह से बंद रखना अनिवार्य किया गया है।
चैंबर खुला पाए जाने पर अधिवक्ता पर पांच हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। बार एसोसिएशन द्वारा ऐसे अधिवक्ताओं की सदस्यता निरस्त करने की कार्रवाई की जाएगी। कचहरी परिसर में में ठेले वाले, टाइपिस्ट और स्टांप वेंडर भी काम नहीं करेंगे।
ऐसा करते पाए जाने पर दो हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। बृहस्पतिवार को बार एसोसिएशन के पूर्व सचिव लाल बहादुर सिंह, लोकेश कुमार शर्मा, विनोद कुमार वर्मा, संतोष जाटव, विजय गौड़, परविंदर नागर और विश्वास त्यागी धरना स्थल पर क्रमिक अनशन पर बैठे। आंदोलन की रणनीति तैयार करने की जिम्मेदारी पूर्व अध्यक्ष राम अवतार गुप्ता, विजयपाल राठी ,राकेश त्यागी काकड़ा, अनिल पंडित ,मुनीश त्यागी, पूर्व सचिव अतुल्य शर्मा, विनोद वर्मा, नरेश चौधरी, सुंदर त्यागी, परविंदर नागर समेत वरिष्ठ अधिवक्ता औरंगजेब खान और जयवीर सिंह को सौंपी गई है। शनिवार को वकीलों की महापंचायत में कई जनपदों से आए बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने अपनी बात रखी थी। बार एसोसिएशन अध्यक्ष दीपक शर्मा के मुताबिक जिला जज पर कार्रवाई होने तक वकील उनकी कोर्ट में उपस्थित नहीं होंगे।
हड़ताल करने वालों की मांग है कि एक सप्ताह में न्यायाधीश का निलंबन, ट्रांसफर या बर्खास्तगी नहीं हुई तो हर बुधवार को पूरे प्रदेश में हड़ताल रहा करेगी। बता दें वकीलों का कहना है कि लाठीचार्ज करने वाले पुलिस अधिकारियों व पुलिस कर्मियों पर एफआईआर दर्ज कर कार्यवाही भी नहीं हुई है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button