रंगदारी मांगने वाले बदमाश मोगली की दिल्ली पुलिस से मुठभेड़, बाएं पैर में लगी गोली
Encounter between extortionist Mowgli and Delhi Police, he got shot in his left leg

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने नांगलोई और अलीपुर में हाल ही में रंगदारी के लिए गोलीबारी की घटनाओं में शामिल मुख्य शूटर को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान रामनिवास उर्फ मोगली के रूप में हुई है, जो जेल में बंद गैंगस्टर योगेश टुंडा और मोंटी मान के सिंडिकेट का सदस्य है। उसके कब्जे से एक पिस्टल, चार कारतूस, एक देसी कट्टा, 2 कारतूस और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई। बरामद दोनों हथियारों का इस्तेमाल नांगलोई और अलीपुर में हुई गोलीबारी की घटनाओं में किया गया था। स्पेशल सेल के उपायुक्त अमित कौशिक के मुताबिक, चार अक्टूबर को स्कूटी सवार तीन व्यक्तियों ने थाना नांगलोई के क्षेत्र में प्लाईवुड की दुकान पर और बाद में अलीपुर स्थित एक प्रॉपर्टी डीलर के कार्यालय पर रंगदारी के लिए फायरिंग की थी। आरोपियों ने उपरोक्त स्थानों पर जेल में बंद गैंगस्टरों के नाम और मृतक बदमाशों जितेन्द्र गोगी व कुलदीप फज्जा की फोटो वाली पर्चियां भी फेंकी थीं। स्पेशल सेल की टीम को गोलीबारी की घटनाओं की जांच करने का काम सौंपा गया था। टीम ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले जिसमें संदिग्ध की पहचान गांव खेड़ा खुर्द के रामनिवास उर्फ मोगली के रूप में हुई। उसके ठिकाने का पता लगाने के लिए मुखबिरों को सक्रिय किया गया।
बुधवार की सुबह संदिग्ध के थाना शाहबाद डेरी के क्षेत्र में आने की गुप्त सूचना मिलने पर एक छापामारी टीम का गठन किया गया। इस दौरान जैन कॉलोनी से अलीपुर की खेड़ा नहर की ओर जाने वाली सड़क के पास जाल बिछाया। आरोपी मोगली को मोटरसाइकिल पर देखा गया। रुकने का इशारा करने पर उसने बाइक की स्पीड बढ़ाई और अचानक नियंत्रण खो बैठा, जिससे वह बाइक से गिर गया।
एएसआई वेद प्रकाश, एसआइ नवीन, हवलदार मनोज और सिपाही एबसेल आरोपी को काबू करने के लिए दौड़े तभी उसने अपनी पिस्टल से उन पर दो राउंड फायर किए, जिसमें से एक गोली एएसआई वेद प्रकाश की बुलेटप्रूफ जैकेट में लगी। जवाद में टीम ने भी दो राउंड फायर किए, जिनमें से एक आरोपी के बाएं पैर में लगी।
इसके बाद उसे काबू कर लिया गया। उसके कब्जे से चार कारतूस के साथ एक पिस्टल, दो कारतूस के साथ एक देसी कट्टा और एक चोरी की मोटरसाइकिल बरामद की गई। आरोपी को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसने जल्दी पैसा कमाने के लिए अपराध करना शुरू कर दिया और हत्या के प्रयास, डकैती, शस्त्र अधिनियम, आबकारी अधिनियम आदि के विभिन्न मामलों में कई बार जेल गया और बाद में उसने योगेश टुंडा-गोगी गिरोह से हाथ मिला लिया। उसे दिल्ली में गोलीबारी करने के लिए मोटी रकम देने का वादा किया गया था। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ गैंगस्टर मोंटी मान और जेल में बंद गैंगस्टर योगेश टुंडा और अन्य के निर्देश पर दो अलग-अलग जगहों पर फायरिंग की।




