बारिश में अभी डूबी रहेगी दिल्ली,5 साल बाद भी नए ड्रेनेज सिस्टम का इंतजार

नई दिल्ली। मॉनसून की पहली ही बारिश में दिल्ली का जो नजारा दिखा उसे देख लोगों को यकीन नहीं हो रहा था। सोशल मीडिया पर पूरे दिन दिल्ली की सड़कों पर भरे पानी की तस्वीरें छाई रहीं। दिल्ली में भारी बारिश और उसके बाद जलभराव की समस्या के बाद दिल्ली के ड्रेनेज सिस्टम पर सवाल है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ इस मुद्दे पर एक मीटिंग की। दिल्ली सरकार के अधिकारियों का कहना है कि जब तक दिल्ली को नया ड्रेनेज सिस्टम नहीं मिल जाता, तब तक शहर को जलभराव से जूझना पड़ेगा। दिल्ली की पॉश कॉलोनियों के साथ ही अनियोजित कॉलोनियों, दोनों में लगातार बढ़ती आबादी की जरूरतों के हिसाब से नया ड्रेनेज सिस्टम बनाने और चालू करने में कम से कम 4 साल लगेंगे।
दिल्ली के मुख्य सचिव नरेश कुमार ने बताया कि शहर को तीन भागों में बांटा गया है – नजफगढ़ बेसिन, बारापुला बेसिन और ट्रांस-यमुना बेसिन – और हर एक के लिए ड्रेनेज सिस्टम तैयार करने के लिए पहले ही सलाहकार नियुक्त किए जा चुके हैं। कुमार ने कहा हमें अगले साल मार्च तक रिपोर्ट मिलने की संभावना है और एक बार रिपोर्ट स्वीकृत हो जाने के बाद, नई योजना के अनुसार दिल्ली के ड्रेनेज सिस्टम को बदलने में कम से कम तीन साल लगेंगे।
मौजूदा ड्रेनेज सिस्टम जिसे 1976 में लगभग 50 साल पहले बनाया गया था। इससे दिल्ली में एक दिन में केवल 50 मिमी बारिश के पानी की ही निकासी आसानी से संभव है। लेकिन जब भी शहर में भारी बारिश होती है तो पूरा शहर जलमग्न हो जाता है। शुक्रवार को दिल्ली में 228 मिमी बारिश हुई और लगभग पूरा शहर जलमग्न हो गया। 2023 में 9 जुलाई को 153 मिमी और 10 जुलाई को 107.3 मिमी बारिश दर्ज की गई, जिसके कारण पूरे शहर में जलभराव हो गया और लंबे जाम लग गए।
2018 में ही सौंपी गई थी रिपोर्ट
यह वर्ष 2009 की बात है, जब तत्कालीन उपराज्यपाल तेजेंद्र खन्ना ने नगर निकायों को जल निकासी व्यवस्था के लिए एक मास्टर प्लान तैयार करने का निर्देश दिया था। प्रोजेक्ट तैयार करने का जिम्मा 2012 में आईआईटी दिल्ली को सौंपा गया। 2018 में रिपोर्ट सौंपे जाने के लगभग पांच साल बाद भी राजधानी को अभी तक एक आधुनिक ड्रेनेज सिस्टम नहीं मिल पाया है।

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