गाजियाबाद में 13 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता ने फांसी लगाकर दी जान, मासूम के साथ दरिंदे ने की थी हैवानियत

गाजियाबाद। गाजियाबाद के मोदीनगर कोतवाली क्षेत्र की एक कॉलोनी में 13 वर्षीय दुष्कर्म पीड़िता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव घर में ऊपरी मंजिल पर कमरे में चुन्नी से बने फंदे पर लटका मिला। दुष्कर्म के बाद से ही वह तनाव में थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम को भेजा। आरोपित युवक को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस मामले में दुष्कर्म व पॉक्सो की धारा में दर्ज मुकदमे में आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा को बढ़ाने तैयारी में है।
आरोपित का घर मृतका के पड़ोस में है। एहतियातन कॉलोनी में तनाव का माहौल है। भारी पुलिस बल कॉलोनी में तैनात किया गया है। कोतवाली क्षेत्र की एक कॉलोनी में रहने वाले व्यक्ति जिम ट्रेनर हैं। उनकी पत्नी गृहणी हैं। उनकी 13 वर्षीय बेटी कक्षा आठ की छात्रा थी। पड़ोस के ही एक युवक से उसकी इंस्टाग्राम पर बात होती थी।
आरोपित ने उसे मिलने के लिए मंगलवार शाम को बुलाया। इसके बाद आरोपित ने किशोरी को पानी में नशीला पदार्थ दिया। जिसके बाद किशोरी बेसुध हो गई।आरोपित किशोरी को बाइक से कादराबाद में तहसील के सामने स्थित होटल में लेकर गया। वहां आरोपित ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। होश में आने पर किशोरी को दुष्कर्म की जानकारी हुई तो उसने विरोध किया। इस पर आरोपित ने किशोरी को पीटा। उसे कई थप्पड़ जड़े और धमकी दी कि यदि किसी से इस बारे में बताया तो जान से मार देगा। लेकिन किशोरी ने घर जाकर अपनी मां को सारी बात बता दी। वे थाने पहुंचीं और आरोपित के खिलाफ शिकायत दी। जिस पर पुलिस ने दुष्कर्म की धारा में केस दर्ज कर बुधवार को किशोरी को मेडिकल के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया। बच्ची व उसके माता-पिता अस्पताल में मेडिकल कराने के बाद शाम करीब पांच बजे घर लौटे। घर आकर सभी ने खाना आया और सो गए। इसी बीच किशोरी उठी और ऊपर कमरे में जाकर चुन्नी का फंदा बनाया और फांसी लगा ली। जब काफी देर तक भी किशोरी नीचे नहीं आई तो स्वजन ने आवाज लगाई। लेकिन कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।
परेशान होकर वे ऊपर पहुंचे तो किशोरी का शव पंखे से लटका था। वे उसे उतारकर मोदीनगर के अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां से मेरठ रेफर किया गया। लेकिन रास्ते में ही बच्ची ने दम तोड़ दिया। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा। हंगामे की स्थिति को देखते हुए आसपास की चौकियों से पुलिस बल बुलाया गया।
डीसीपी ग्रामीण विवेक चंद यादव, एसीपी मोदीनगर ज्ञान प्रकाश राय समेत पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। फारेंसिक टीम को जरूरी साक्ष्य जुटाए। देर रात तक अधिकारियों ने मोदीनगर में डेरा डाले रखा।
किशोरी की मौत के बाद परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था। किशोरी के पिता का कहना है कि नाबालिग को बिना आईडी कमरा कैसे दिया गया। उनकी बेटी के साथ जो हुआ उसमें होटल मालिक भी जिम्मेदार है। बेटी की मौत में होटल मालिक को भी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने तहरीर में होटल मालिक का नाम भी शामिल किया है। किशोरी की मौत के बाद से परिवार के लोगों का बुरा हाल है। बड़ा भाई बहन को याद कर बार-बार रो रहा था। मां तो रोते-रोते बेहोश तक हो गई।




