‘मामा’ कहकर जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर ने जीता दिल, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह को बताया जम्मू-कश्मीर का सच्चा शुभचिंतक

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को जम्मू-कश्मीर का सच्चा मित्र और ‘मामा’ बताया, उनके विकास कार्यों में सहयोग की सराहना की। यह टिप्पणी प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-IV के दूसरे चरण और ग्रामीण आजीविका अभियान के लिए 4568.23 करोड़ रुपये जारी करने के अवसर पर की गई।

श्रीनगर/एजेंसी। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने बुधवार को केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को जम्मू-कश्मीर का सच्चा मित्र और शुभचिंतक बताते हुए, उन्हें “मामा” भी कहा। केंद्रीय मंत्री को मध्यप्रदेश की जनता प्यार से मामा भी पुकारतीहै। आज यहां शेरे कश्मीर इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर एसकेआइसीसी मेंप्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-IV, द्वितीय चरण के शुभारंभ के अवसर पर अपने संबोधन में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि जम्मू कश्मीर में बीते डेढ़ वर्ष से निर्वाचित सरकार के कार्यकाल में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेश के विकासात्मक मुद्दों पर हमारा बार बार समर्थन किया है।
केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई)-IV, द्वितीय चरण का शुभारंभ करने के अलावा डीएवाई-एनआरएलएम के अंतर्गत 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए केंद्र के हिस्से की राशि 4568.23 करोड़ रुपए जारी कर ग्रामीण आजीविका अभियान को नई गति भी दी।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि मंच पर मौजूद केंद्रीय कृषि मंत्री काे संबोधित करते हुए कहा कि मामा’ के रूप में आपको जो पहचान मिली है, वो पूरी तरह सही है और आप पर जंचती है। हमने भी आपको उसी अपनत्व और भरोसे के साथ स्वीकार किया है। आपने हमारे रिश्तों को मज़बूत बनाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। जम्मू-कश्मीर के विकास के लिए आपका सहयोग और प्रतिबद्धता काबिले-तारीफ़ है।
उमर अब्दुल्ला ने कहा कि पिछले डेढ़ वर्ष में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने बार-बार यह साबित किया है कि वे जम्मू-कश्मीर की आवश्यकताओं के प्रति संवेदनशील हैं। मुख्यमंत्री ने 8,000 करोड़ रु. की स्वीकृति को असाधारण बताते हुए कहा कि एक ही फेज में इतनी बड़ी मंजूरी मामूली बात नहीं है और राज्य सरकार इन स्वीकृत कार्यों को तेजी से जमीन पर उतारेगी।
मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि विकास से जुड़े मुद्दों पर लगातार संवाद के कारण केंद्रीय मंत्री के साथ संबंध समय के साथ और मजबूत हुए हैं। उन्होंने कहा कि हमें सड़क परियोजनाओं और ग्रामीण विकास से संबधित जो भी स्वीकृतियां मिली हैं, हम सुनिश्चित करेंगे कि उन पर जमीनी स्तर पर काम जल्द शुरू हो। आने वाले महीनों में हम कार्यान्वयन शुरू करेंगे और बाकी जरूरतों को भी आगे बढ़ाएंगे।
ग्रामीण संपर्क का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पीएमजीएसवाई ने जम्मू-कश्मीर के दूरदराज और पहाड़ी इलाकों में जीवन को काफी हद तक बदल दिया है।जो लोग पहले सड़क तक पहुंचने के लिए चार से पांच घंटे पैदल चलते थे, अब उन्हें मोटर योग्य सड़क सुविधा मिल गई है। फेज 2, फेज 3 और अब फेज 4 के कारण अस्पतालों, स्कूलों और बाजारों तक पहुंच बेहतर हुई है।
अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है हमारा प्रयास
उन्होंने कहा कि सरकार का ध्यान ग्रामीण बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और बस्तियों को जोड़ने पर है, जिसमें पहाड़ी क्षेत्रों में बिखरी या कम आबादी वाली बस्तियां भी शामिल हैं।हमारी असली ताकत गांवों में है। हमारी विरासत और अर्थव्यवस्था ग्रामीण क्षेत्रों में निहित है और हमारा प्रयास हर संभव तरीके से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। मुख्यमंत्री उमर ने ग्रामीण विकास और आजीविका मिशनों के तहत चल रही पहलों, जिसमें स्वयं सहायता समूह कार्यक्रम भी शामिल हैं, का जिक्र करते हुए कहा कि महिला-नेतृत्व वाले उद्यमों के लिए अवसर बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने कृषि और बागवानी क्षेत्रों को मजबूत समर्थन देने की आवश्यकता पर भी जोर दिया, खासकर फसल आधारित बीमा तंत्र के माध्यम से, और केंद्र शासित प्रदेश में किसानों को मौसम संबंधी चुनौतियों का हवाला दिया। मुख्यमंत्री ने यह भी आश्वासन दिया कि पीएमजीएसवाई- बैच चार के तहत स्वीकृत सभी कार्यों को मिशन मोड में लिया जाएगा, ताकि समय पर पूरा किया जा सके और जम्मू-कश्मीर में संपर्क व्यवस्था बेहतर हो।

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